ग्वालियर- स्कूली बच्चाें काऑटो में क्षमता से ज्यादा परिवहन किए जाने के मामले पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए ग्वालियर आरटीओ को तलब किया है। मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस संजय यादव एवं जस्टिस विवेक अग्रवाल ने शासन को फटकार लगाते हुए कहा- स्कूली बच्चों को ऑटो से लाने-ले जाने के मामले में दो बार हाईकोर्ट से आदेश दिए जा चुके हैं।
लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा। स्कूलों के बच्चों को किस प्रकार से ऑटो में ढोया जा रहा है, ये जिम्मेदार विभाग को दिखता नहीं है क्या? आखिर क्या कार्रवाई की जा रही है इस मामले में? आरटीओ हाईकोर्ट में उपस्थित होकर जानकारी दें।
एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया द्वारा प्रस्तुत अवमानना याचिका पर मंगलवार को सुनवाई के दौरान शासन की तरफ से बताया गया कि इस मामले में कार्रवाई की जाती है। जिस पर श्री भदौरिया ने तर्क दिया कि कार्रवाई नहीं हो रही औैर बच्चों की जान को खतरा रहता है। आरटीओ द्वारा स्टाफ की कमी का हवाला देकर अपना बचाव किया जाता है।
इस पर हाईकोर्ट ने शासन से कहा- आरटीओ का मुख्यालय तो ग्वालियर में ही है फिर स्टाफ की कमी क्यों? ज्यादातर अधिकारी भोपाल में पोस्टिंग कराकर आराम की जिदंगी जीना चाहते हैं, क्या आप लोगों ने आज का अखबार पढा? कल स्कूल खुलने का पहला दिन था और अखबार में पहले ही दिन की ओवर लोडिंग स्कूली वाहनों की चिंताजनक खबरें छपी है, क्या आप देख रहे है? कि वास्तव में हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्कूली बच्चे सुरक्षित है? हाईकोर्ट के दो-दो आदेशों के बाद भी स्कूली बच्चे सुरक्षित नही हैं, इसलिए आरटीओ खुद उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दें और यदि हम उनके स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुए तो हम दंडात्मक कार्यवाही पर विचार करेंगे। इस मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अंकुर मोदी उपस्थित रहे।
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