ग्वालियर।
बीते 10 दिन में पुलिस ने अलग-अलग जिलों, राज्यों में दबिश देकर एक लाख के वारंटी पकड़े हैं। जबकि 1 जनवरी से शुरू हुए अभियान में 3 हजार वारंटी अब तक पकड़े जा चुके हैं। लेकिन अभी भी 5 हजार छोटे-बड़े, स्थायी-अस्थायी वारंटी फरार हैं, इनको अभी पकड़ा जाना शेष है। लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने के बाद चुनाव आयोग के निर्देश के साथ ही पुलिस की कार्रवाई में अचानक तेजी आई है
1 जनवरी से 30 मार्च के बीच3 महीने में पकड़े 3 हजार वारंटी
– लोकसभा चुनाव को देखते हुए तेजी से हो रही कार्रवाई
ग्वालियर पुलिस ने एसपी नवनीत भसीन के निर्देश पर एक जनवरी 2019 से वारंटियों की धरपकड़ का अभियान शुरू किया था। 30 मार्च तक तीन महीने की कार्रवाई में 3103 छोटे-बड़े स्थायी, अस्थायी व जमानती वारंटी पकड़े जा चुके हैं।
10 दिन में पकड़े बड़े व इनामी बदमाश
10 मार्च को लोकसभा चुनाव के लिए तारीख का ऐलान होने के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई थी। तभी से वारंटियों की धरपकड़ के लिए एसपी ग्वालियर ने स्पेशल टीमों का गठन किया। इसी का नतीजा है कि बीते दस दिन में एक लाख रुपए के वारंटी पकड़े गए हैं। जिनमें 10 हजार का इनामी हत्या का आरोपी श्यामदुबे पुत्र प्रेमनारायण दुबे, 5 हजार का इनामी भगवानदास जाटव, 10 हजार का इनामी रामअख्तयार, 10 हजार का इनामी उम्मेद सिंह प्रमुख हैं।
250 जवान व अफसर कर रहे कार्रवाई
वारंटियों की धरपकड़ के लिए एसआईटी के साथ-साथ 250 पुलिस जवान व अफसर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। बड़े और इनामी वारंटी साथ ही ऐसे वारंटी जो इंटरस्टेट बदमाश हैं उनकी धरपकड़ के लिए एक दर्जन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
5 हजार वारंटी अब भी फरार
तीन हजार वारंटी पकड़े जाने के बाद भी अभी लगभग पांच हजार वारंटियों की धरपकड़ की जानी है। जिनमें सबसे ज्यादा वारंटी 700 ग्वालियर थाने के हैं। जबकि उसके बाद 600 वारंटी मुरार, 450 महाराजपुरा, 300 पड़ाव व 250 बहोड़ापुर के हैं
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