ग्वालियर।
सड़क हादसे में घायल हुई साली का इलाज कराने आए जीजा से एक्टिवा सवार बदमाश 80 हजार रुपए ठग ले गए। शातिर ठग ने मरीज का नाम अस्पताल से पता कराकर जीजा व भाई का लालच दिया कि 8 हजार की दवा 4 चार हजार में दिला देगा। अगर गरीबी रेखा का कार्ड है तो अस्पताल से भी 18 हजार रुपए की आर्थिक मदद भी दिला देगा। जीजा को वह गरीबी रेखा के कार्ड की फोटोकॉपी कराने साथ ले गया। उसने इलाज के लिए लाए 80 हजार रुपए गाड़ी की डिक्की में रखवा लिए। जीजा को गरीबी रेखा के कार्ड की फोटोकॉपी कराने भेज दिया और ठग मौका देखकर रुपए लेकर भाग गया। ठग सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।

2 अप्रैल को गोला का मंदिर, मुरार व थाटीपुर में लगाए गए सुरक्षा इंतजामों के बीच पिंटो पार्क में लूट की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी सकते में आ गए। आनन- फानन में पड़ताल के लिए अधिकारी मौके पर पहुंच गए। ठगों को पकड़ने के लिए आसपास के क्षेत्र की नाकेबंदी कर दी गई। पुलिस को मौके पर म्यान जिला गुना बृजभान सिंह यादव मिला, जो कि इतना घबरा गया था कि वह पुलिस को घटना की सही जानकारी भी नहीं दे पा रहा था। जांच के बाद पुलिस को पता चला कि लूट नहीं ठगी हुई है।
ऐसे हुई ठगी- गुना जिले के निवासी हनुमंत यादव अपने जीजा बृजभान यादव व अन्य रिश्तेदारों के साथ सड़क हादसे में घायल हुई बहन भूरिया को इलाज कराने गोला का मंदिर स्थित बिड़ला अस्पताल आए थे। हालत गंभीर होने के कारण किसी तरह से इलाज के लिए 90 हजार रुपए की व्यवस्था करके लाए थे। यह रुपए जीजा बृजभान सिंह के पास रखे थे। भर्ती कराने व दवा खरीदने पर 10 हजार रुपए खर्च हो गए। हनुमंत व बृजभान वोटर कार्ड की फोटोकॉपी कराने गए। पहले इन्हें ऑटो चालक ने धोखा दिया। बिड़ला अस्पताल पर छोड़ने की बजाए मुरार प्रसूति गृह पर उतारकर भाग गया। वहां से दोनों पैदल-पैदल आए। अस्पताल के गेट पर ही इन्हें स्कूटर पर सवार एक मोटा सा व्यक्ति मिला। उसने पूछा कहां से आए हो। गांव का नाम बताने पर उसने कहा कि राय साहब के परिवार को जानते हो। इनके मुंह से निकल गया कि उनके कुटुंब से हैं। इस अपरिचित व्यक्ति ने घायल का नाम बताते हुए कहा कि उसे ड्रिप लगाकर आ रहा हूं। अगर तुम्हारे पास गरीबी रेखा का कार्ड हो तो 8 हजार की दवा 4 हजार में दिला देगा। साथ ही इलाज के लिए अस्पताल से 18 हजार रुपए राज्य सरकार के नियमानुसार दिला सकता हूं। यह लोग उसकी बातों में आ गए। हनुमंत तो अस्पताल चला गया। बृजभान को फोटोकॉपी कराने के लिए वह पिंटो पार्क ले गया। फोटोकॉपी की दुकान के सामने रोककर बृजभान ने नोटों की गड्डी में से 500 का रुपए निकाले। इसी बीच अपरिचित ने कहा कि वक्त ठीक नहीं है। यह रुपए उसकी गाड़ी की डिक्की में रख दो। बृजभान ने उस पर भरोसा कर रुपयों को उसकी गाड़ी की डिक्की में रख दिए और फोटोकॉपी कराने चला गया। इसी बीच ठग गाड़ी स्टार्ट कर भाग गया।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ ठग-
पुलिस ने ठग की पहचान करने के लिए सीसीटीवी कैमरे खंगाले। पुलिस को स्कूटर पर ठग के साथ पीछे बैठा बृजभान नजर आ गया। फुटेज में ठग का चेहरा नजर आ रहा है। जो कि धूप से बचने के लिए चेहरे पर कपड़ा लपेटे हुए है। जिला चिकित्सालय के आसपास इस ट्रिक से ठगी की वारदात एक दिव्यांग करता था। पुलिस को आशंका है कि उसी की गैंग ने इस ठगी को अंजाम दिया है। पुलिस दिव्यांग ठग की तलाश कर रही है।
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