ग्वालियर-केआरएच में बीती रात डेढ़ साल के पीयूष पुत्र रामकरण कुशवाह की मौत हो गई थी। विधायक मुन्नालाल गोयल ने संभागायुक्त बीएम शर्मा और कलेक्टर अनुराग चौधरी से मजिस्ट्रियल जांच के लिए कहा था। कलेक्टर ने इस मजिस्ट्रियल जांच की आदेश कर दिए। शाम 5:14 बजे एसडीएम अनिल बनवारिया, तहसीलदार शिवानी पांडेय के साथ जांच करने केआरएच पहुंच गए। एसडीएम के पूछने पर पीयूष के परिजन ने बताया कि वह मंगलवार दोपहर 12 बजे बच्चे को लेकर आए थे। ट्रीटमेंट चला लेकिन बच्चे को आराम नहीं मिला। सीनियर रेसीडेंट डॉ. प्रकाश पी. ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने बच्चे को देखा था। बच्चे के गले में इंफेक्शन था। बच्चे को एक्यूट लैरिंगो ट्यूवर क्लोसिस था। सांस जल्दी-जल्दी ले रहा था इस कारण उसे ऑक्सीजन पर रखा। दोपहर दो बजे सीबीसी की जांच भी कराई थी। एसोसिएट प्रोफेसर नीतू अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने बच्चे की स्थिति को देखकर उसे स्टीरॉइड दिया था। साथ ही ईएनटी को कॉल करके दिखाया। उन्होंने भी लिखा है कि जो इलाज चल रहा है वह सही है। परिजन बोले डॉक्टर ने उन्हें एक्सरे कराने के लिए भेजा था। रेडियोग्राफर प्रेमचंद्र ने यह कहते हुए आने से मना कर दिया कि बिना अधीक्षक के आदेश के वह नहीं जाएगा। जब उन्होंने डॉक्टर से यह कहा तो डॉक्टर ने पुन: भेजकर कहा कि रेडियोग्राफर से लिखित में लेकर आओ। यह सुनकर एसडीएम बोले यह पेशेंट के अटेंडेंट का काम थोड़े ही है। उन्हें इधर-उधर भटकाया जाता रहा। जिस व्यक्ति का बच्चा जीवन-मौत से जूझ रहा है उस पिता की सोचा कि यदि एक्सरे हो गया होता तो उनका यह भ्रम तो नहीं रहता कि शायद एक्सरे हो जाता तो उनका बच्चा बच जाता। भले ही आपने 99 प्रतिशत सही उपचार किया। अगर एक्सरे और हो जाता तो कम से कम परिजनों को तसल्ली तो हो जाती। अगर रेडियोग्राफर ने मना कर दिया था तो आपको इसकी जानकारी अपने सीनियर को देनी चाहिए थी। जूनियर डॉक्टर बोले चार बच्चे और गंभीर हालत में थे, हम उन्हें छोड़कर नहीं जा सकते थे। एसडीएम ने अधीक्षक से कहा यहां सब सही हो रहा होता तो हम लोगों को यहां आने की जरूरत क्यों पड़ती। जेएएच की स्थिति ठीक नहीं है। विधायक प्रवीण पाठक, विधायक मुन्नालाल गोयल को बार-बार आना पड़ रहा है। मुझे यहां दिख रहा है कि नीचे के लेवल पर ही दिक्कत है। रेडियोग्राफर प्रेम चंद्र ने अपना बयान देते हुए कहा कि उसकी ड्यूटी एक्सरे रूम में दी। वहां कई मरीज थे इसलिए वहां से केआरएच आने की स्थिति नहीं थी। एसडीएम ने मंगलवार की सुबह 12 से रात 10 बजे तक ड्यूटी पर मौजूद सभी डॉक्टरों के लिखित बयान लिए। उधर बच्चे के शव का तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पीएम में भी मौत का कारण गले में इंफेक्शन बताया जा रहा है।
कमरे में बैठ कर जांच करने नहीं आया हूं
एसडीएम के आने से पहले पीडियाट्रिक के विभागाध्यक्ष डॉ. अजय गौड़, प्रोफेसर डॉ. घनश्यामदास पहुंच गए थे, जिन्हें अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्रा ने अपने चेंबर में बुलवा लिया। एसडीएम शाम करीब 5:14 बजे केआरएच पहुंच गए। करीब 5 मिनट इंतजार करने के बाद जब कोई नहीं आया तो उन्होंने डॉक्टर को फोन लगाया। डॉक्टर ने उनसे अधीक्षक कक्ष में आने के लिए कहा। पहले तो एसडीएम अधीक्षक के पास चल दिए, लेकिन फिर उन्होंने पुन: फोन कर डॉक्टर से नाराजगी जताते हुए कहा कि मैं यहां किसी कमरे में बैठ कर जांच करने नहीं आया हूं, आप लोग यहीं आए मैं यहीं जांच करूंगा। इसके बाद डॉक्टर 5:24 बजे केआरएच पहुंच गए और अधीक्षक डॉ. मिश्रा करीब 5.34 पर पहुंचे।
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