ग्वालियर।
डेढ़ साल के पीयूष कुशवाह की केआरएच में मौत क्यों और कैसे हो गई, इस सवाल का जवाब एसडीएम झांसी रोड अनिल बनवारिया को कोई नहीं दे सका। कलेक्टर अनुराग चौधरी के निर्देश पर एसडीएम और तहसीलदार पूरे मामले की जांच करने पहुंचे थे। एसडीएम ने पीयूष के परिजनों के सामने ही पूरे घटनाक्रम को रिकॉल किया और मंगलवार को घटनाक्रम, इलाज, एक्स-रे रूम और जूनियर डॉक्टर सभी से सवाल किए। जूनियर डॉक्टर अपने इलाज और इमरजेंसी डयूटी का हवाला देते रहे। जिस पर एसडीएम ने कहा कि आप सब इमरजेंसी डयूटी में थे, फिर भी बच्चा मर गया। आप कुतर्क कर रहे हैं। प्राथम दृष्टया लापरवाही ने ही पीयूष की जान ली है। जांच पूरी कर एसडीएम अब रिपोर्ट शुक्रवार को कलेक्टर को सौंपेंगे।
गौरतलब है कि मंगलवार को केआरएच में रामकरण कुशवाह के डेढ़ साल के बेटे पीयूष को सांस लेने में तकलीफ के चलते केआरएच में दोपहर 12 बजे भर्ती कराया गया था। इसके बाद खून की जांच लिखी। डॉक्टरों ने वेरी अर्जेंट पर्चे पर एक्स-रे के लिए लिखा। लेकिन रेडियोग्राफर ने लिख दिया कि वह इमरजेंसी डयूटी में है, नहीं आ सकेगा। इस कारण बच्चे की तकलीफ ही डिटेक्ट नहीं हो सकी और रात करीब 9 बजे पीयूष की मौत हो गई। सूचना मिलते ही विधायक मुन्नालाल गोयल मौके पर पहुंच गए। जिन्होने चिकित्सा शिक्षा मंत्री को फोन कर स्थिति बताई। जब एसडीएम जांच करने पहुंचे तो 20 मिनट बाद जेएएच अधीक्षक और डॉक्टर पहुंचे।
ऐसे चली इंक्वायरी
एसडीएम-सीनियर रेसीडेंट प्रकाश टी आपने बच्चे के आते ही क्या किया?
प्रकाश टी- मैने रिसीव किया और ऑक्सीजन लगाकर पीआईसीयू में एडमिट कराया, मुझे प्रथम दृष्टया श्वसन तंत्र में इंफेक्शन लगा।
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एसडीएम-प्रकाश के बाद डयूटी पर दोपहर डेढ़ बजे आईं डॉ. नीतू अग्रवाल ने क्या किया?
डॉ.नीतू- मैने स्टीरॉइड इंजेक्शन डोज दिया और ईएनटी से एडवाइस मांगा, ईएनटी से कोई आरएसओ आया, उसका नाम नहीं पता।
एसडीएम-आरएसओ ने क्या एडवाइस दिया?
नीतू- उन्होने लिखकर दिया कि इलाज ठीक चल रहा है, इसे चलने दिया जाए।
परिजन-एक्स-रे वाले ने जब लौटाया तो हम यहां आए। यहां डॉ. दीक्षा थीं जिन्होंने कहा कि उससे लिखवाकर लाओ कि वह नहीं करेगा एक्स-रे।
डॉ. दीक्षा-मैने लिखकर लाने के लिए कहा था सर, हमें और भी पेशेंट देखने थे?
एसडीएम-परिजन क्यों लिखवाकर लाएंगे, फिर आप क्या करेंगी, इतना रूड व्यवहार मरीज से। इसी बीच डॉ. यामिनी बोल पड़ीं
डॉ.यामिनी-हमने नेबुलाइजेशन किया और भी बहुत सारे प्रयास किए, चार बच्चे और यहां थे ,एक्स-रे से ज्यादा ट्रीटमेंट जरूरी है?
एसडीएम- आप कुतर्क कर रहीं हैं, सब इमरजेंसी डयूटी में थे और यहां बच्चा तब भी मर रहा है। यहां विधायक, कलेक्टर, मंत्री सभी निरीक्षण कर रहे हैं। व्यवस्थाएं गडब़ड़ हैं तभी तो ऐसा हो रहा है।
जेएएच की कार्रवाई-सिर्फ दो इंक्रीमेंट रोकने का नोटिस
जेएएच अधीक्षक अशोक मिश्रा ने डेढ़ साल के पीयूष की मौत के मामले में लापरवाही बरतने वाले रेडियोग्राफर प्रेमचंद को सिर्फ दो इंक्रीमेंट रोकने का नोटिस जारी किया है। तत्काल सस्पेंड तक नहीं किया गया,जबकि अधीक्षक खुद स्वीकार चुके थे कि पीयूष को बचाया जा सकता था।
जांच पूरी कर ली गई है
केआरएच में पीयूष की मौत के मामले में जूनियर डॉक्टरों के कथन ले लिए गए हैं। रेडियोग्राफर के भी बयान हुए। परिजन से चर्चा हो गई है। जांच पूरी कर अब रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी।
अनिल बनवारिया, एसडीएम झांसी रोड
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