ग्वालियर-जयारोग्य अस्पताल जेएएच के स्वाइन फ्लू वार्ड में गिरवाई नाका निवासी रजनी कुशवाह की मौत हो गई। महिला के पति महेंद्र कुशवाह का आरोप है कि जब वह मरीज को लेकर आए तक वार्ड में कोई डॉक्टर नहीं था। काफी देर बाद डॉक्टर आए और बोले, यहां स्वाइन फ्लू का इलाज नहीं है, भोपाल या दिल्ली ले जाओ। एडीएम से शिकायत करने के बाद डॉक्टर देखने लगे।
यहां स्वाइन फ्लू का इलाज नहीं है, भोपाल या दिल्ली ले जाओ।

स्वाइन फ्लू वार्ड में गिरवाई नाका निवासी रजनी कुशवाह की मौत
स्वाइन फ्लू वार्ड में कोई इंतजाम नहीं है, मेरी पत्नी को लगाने के लिए मशीन तक बाद में लाई गई। महिला के परिजन ने काफी हंगामा किया। उधर डॉ. विनीत चतुर्वेदी ने परिजन के आरोप बेबुनियाद बताते हुए कहा कि महिला के आते ही डॉक्टरों ने उसे अटेंड किया है। गिरवाई नाका निवासी महेंद्र कुशवाह की 28 वर्षीय पत्नी रजनी कुशवाह को शनिवार शाम करीब 4 बजे जेएएच के स्वाइन फ्लू वार्ड लेकर पहुंचे। महेंद्र कुशवाह ने बताया कि यहां कोई डॉक्टर नहीं था। कई बार कहने के बाद डॉक्टर आए और बोले, यहां स्वाइन फ्लू का इलाज नहीं है, दिल्ली या भोपाल ले जाओ। इसके बाद परिजन ने इस मामले की शिकायत एडीएम से की।
एडीएम ने न्यूरोलॉजी के सहायक अधीक्षक डॉ. विनीत चतुर्वेदी को भेजा। मामला बिगड़ता देख डॉ. चतुर्वेदी ने कंपू थाने से पुलिस बल बुला लिया। परिजन ने इसकी शिकायत कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर तक से की। रात नौ बजे डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। ज्ञात रहे कि इस संदिग्ध महिला को मिलाकर 1 फरवरी से अब तक स्वाइन फ्लू से यह चौथी मौत है।
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