ग्वालियर-
हाईकोर्ट की फटकार के बाद कमिश्नर बीएम शर्मा ने जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन एवं जेएएच अधीक्षक को डीओ लेटर जारी किया है। इसको लेकर जीआर मेडिकल कॉलेज में बैठक आयोजित की गई। जिसमें पत्र को पढ़कर सभी एचओडी को सुनाया गया। डीन का कहना था कि यदि वार्ड में गंदगी मिली तो एचओडी जिम्मेदार होंगे। जबकि डॉक्टरों का तर्क था कि यदि एचओडी को ही सफाई देखना है तो चार-चार सहायक अधीक्षक क्यों बनाए गए हैं।

संभागायुक्त बीएम शर्मा ने मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ भरत जैन एवं जेएएच अधीक्षक डॉ अशोक मिश्रा को डीओ लेटर जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि आपको कई बार निर्देश देने के बाद भी अस्पताल की व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है। अस्पताल में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। औचक निरीक्षण कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। स्ट्रेचर का इंतजाम करने के साथ ही कहीं भी मरीज के सहायक मरीजों को ले जाते हुए दिखाई नहीं दें। अस्पताल में दवाईयां पर्याप्त मात्रा में होना चाहिए और बाहर की दवाई लिखी जाती है तो डॉक्टरों के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। इस पत्र के बाद जीआर मेडिकल कॉलेज के अफसरों के होश उड़े हुए हैं। मेडिकल कॉलेज काउंसिल की बैठक शुक्रवार को आयोजित हुई। जिसमें पूरे पत्र को सभी एचओडी के सामने पढ़कर सुनाया गया। जब गंदगी को लेकर एचओडी की जिम्मेदारी की बात उठी तो सभी डॉक्टर भड़क गए। इसके बाद तय हुआ कि सफाई का डेली का चार्ट बनेगा, जिसको एचओडी वैरीफाई करेंगे। यदि एचओडी ने सफाई नहीं होने का उल्लेख किया तो कर्मचारियों का वेतन काटा जाएगा, यदि एचओडी के वैरीफाई करने के बाद गंदगी मिली तो एचओडी को जिम्मेदार माना जाएगा।
पेशेन्ट केयर का प्लान तैयार करके दें एचओडीः
स्ट्रेचर कियोस्क बनेंगेः बैठक में तय हुआ कि स्ट्रेचर कियोस्क बनाए जाएंगे। यहां पर 4-4 कर्मचारी तीनों शिफ्टों में मौजूद रहेंगे। जिनका काम मरीजों को लाने ले जाने का होगा। इसके अलावा टम-टम भी रखे जाएंगे। सफाई कर्मचारियों की बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी लगेगी और सभी कर्मचारी यूनिफार्म में होना चाहिए।
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