ग्वालियर-परिवहन विभाग की टीम ने आकाशवाणी चौराहे पर वाहनों की जांच की। जब एडवोकेट लिखे वाहन को रोका तो वकील बोले कि इसमें क्या दिक्कत है, मैं एडवोकेट हूं तभी तो लिखा है। जब वकील एवं परिवहन विभाग का अमला विवाद में उलझा था तभी वकील के पुत्र ने एक पुलिस लिखे वाहन को रोक दिया और बोले कि इनका भी चालान करो। इस बात पर विवाद और गहरा गया। इसी बीच एक नगर निगम के वाहन को भी रोका गया। परिवहन विभाग के अफसर एडवोकेट से उलझे रहे थे इस बीच पुलिस लिखा वाहन बिना जुर्माना चुकाए ही निकल गया।
एडवोकेट ने अपना नाम अशोक खेडकर बताया, उनके साथ उनका पुत्र भी था। वहीं पुलिस लिखे वाहन पर चालान करने को कहा तो वाहन चालक विवाद पर उतर आया। परिवहन विभाग दोनों से बात कर रही थी कि तभी एक नगर निगम के वाहन को भी रोक दिया। हंगामा शुरू हुआ तो पुलिस लिखा वाहन बिना जुर्माना चुकाए चुपचाप खिसक गया। जबकि एडवोकेट के वाहन को 500 रूपए जुर्माना चुकाने के बाद ही छोड़ा गया। आकाशवाणी चौराहे पर एआरटीओ रिंकू शर्मा के नेतृत्व में चैकिंग चल रही थी।
इनकम टैक्स ऑफिसर हूं, रोकर अच्छा नहीं किया
परिवहन विभाग की टीम ने वाहन क्रमांक एमपी 09 सीके 6154 को पुलिस लिखा होने के कारण रोका था। वाहन ड्राइव करने वाले ने उतरकर कहा कि कार में बैठा व्यक्ति इनकम टैक्स ऑफिसर हैं, इसके बाद वह सभी के नाम पूछने लगा। एआरटीओ ने कहा कि आप कोई भी हो लेकिन जुर्माना तो चुकाना ही पड़ेगा। इस पर जुर्माना चुकाने के बाद उन्होंने दी कि आपने यह अच्छा नहीं किया।
एम्बुलेंस में ढो रहे थे सवारी
टीम ने एक एम्बुलेंस भी इस दौरान पकड़ी। यह जननी एक्सप्रेस वाहन प्रायवेट में पास थी और मरीजों की जगह सवारियां ढो रही थी। इसके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इस दौरान एक क्रेन सहित 40 वाहनों पर कार्रवाई कर 20 हजार जुर्माना वसूल किया गया है।
– एडवोकेट लिखे वाहन को रोकने पर वकील ने काफी विवाद किया। जिसके कारण पुलिस लिखा वाहन बिना जुर्माना चुकाए ही निकल गया। काफी हंगामा भी उनके द्वारा किया गया।
रिंकू शर्मा, एआरटीओ

loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal