ग्वालियर- उच्च न्यायालय ने अवैध होर्डिंग्स पर कार्रवाई के नाम पर निगम द्वारा भ्रमित करने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने जो दस्तावेज हैं उन्हें देखकर कहा कि यह स्पष्ट है कि निगम ने अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। निगम आयुक्त अगले सप्ताह तक नगर निगम एक्ट की धारा 335 का उल्लंघन करने वालों पर क्या कार्रवाई की है यह शपथ पत्र के साथ बताएं।
न्यायमूर्ति संजय यादव एवं न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने यह निर्देश सुमन सिंह सिकरवार की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। नगर निगम को पिछली सुनवाई पर न्यायालय ने निर्देश दिए थे कि उन्होंने अवैध होर्डिंग्स लगाने वालों पर क्या कार्रवाई की है इसकी जानकारी दें।
क्या नगर निगम एक्ट के तहत कोई कार्रवाई की गई है तो उसकी भी जानकारी निगम को देना थी। नगर निगम ने 6 फरवरी 2019 को न्यायालय में शपथ पत्र प्रस्तुत कर कहा था कि नगर निगम एक्ट की धारा 335 का उल्लंघन करने वालों पर निगम ने कार्रवाई की है।
नगर निगम द्वारा कार्रवाई के रूप में न्यायालय के समक्ष होर्डिंग्स वालों के खिलाफ जो कार्रवाई की गई उसकी रसीदें पेश की गई। जुर्माने की इन रसीदों पर लिखा गया है विशेष सफाई शुल्क । कोर्ट ने इन रसीदों पर कहा कि यह रसीदें इस बात का प्रमाण है कि निगम ने इस एक्ट के तहत कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
कार्रवाई के नाम पर कोई जवाब नहीं था निगम के पास
न्यायालय ने निगम के अधिवक्ता से पूछा कि उन लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है जो सार्वजनिक स्थलों पर अवैध रूप से बैनर और होर्डिंग्स लगा देते हैं और संकेतकों पर बैनर टांग देते हैं। इस पर नगर निगम की ओर से कोर्ट में कोई जवाब नहीं दिया जा सका। इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसे लोगों पर शहर के प्रवेश स्थान से लेकर सार्वजनिक स्थानों, संकेतकों पर बैनर पोस्टर लगाने वालों पर कार्रवाई कर निगम रिपोर्ट प्रस्तुत करे। इसके साथ ही न्यायालय ने याचिकाकर्ता को भी नगर निगम द्वारा प्रस्तुत जवाब पर अपना जवाब पेश करने को कहा है।
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