ग्वालियर- आप किसी यात्रा के लिए यदि प्राइवेट टैक्सी बुक करते हैं तो अब सावधान हो जाइये! क्योंकि प्राइवेट टैक्सी व शासकीय विभागों में अटैच वाहनों में मीटर रीडिंग बढ़ाकर मोटी कमाई का खेल शहर में खूब फल-फूल रहा है। दिल्ली के बाजार से लाई गई डिवाइस के जरिए वाहनों की रीडिंग को रफ्तार दी जा रही है। गाड़ी चाहे किसी यात्रा पर हो या बंद खड़ी हो, लेकिन मीटर वाहन चालक की मर्जी से घूमता है।
इसके जरिए वाहनों के मालिक और चालक आपको और सरकार को लाखों रुपए की चपत लगा रहे हैं। इतना ही नहीं गाड़ी में लगे ईसीएम (इंजन कंट्रोल मॉड्यूल) से डिवाइस को जोड़कर इसे बनाने वाले हैकर्स आपके वाहन की डुप्लीकेट चाबी भी बना सकते हैं।
हाल ही में भिंड पुलिस ने लाइन में खड़े एक वाहन को मीटर बढ़ते हुए पकड़ा था। जांच के बाद चालक को निलंबित कर दिया गया। पूछताछ में उसने बताया डिवाइस उसने ग्वालियर के छप्पर वाले पुल पर लगवाई थी। डिवाइस लगाने वालों का कहना है कि डिवाइस का उपयोग सर्वाधिक शासकीय वाहनों और प्राईवेट टैक्सी में होता है।
ऐसे काम करती डिवाइस
वाहनों में लगा ईसीएम दिमाग के रूप में काम करता है, जो इंजन व मीटर के बीच सिग्नल भेजता है। वहीं इस डिवाइस के जिरए गाड़ी ऑन होने के साथ ही डिवाइस एक्टिव हो जाती है, जो ईसीएम को पहिया घूमने का सिग्नल भेजता है, यह सिग्नल ईसीएम मीटर को भेजता है, जिसके बाद रीडिंग बढ़ना शुरू हो जाती है।
इस तरह लगती डिवाइस
हैकर के पास हर सेगमेंट की गाड़ी का सॉफ्टवेयर उनके कम्प्यूटर में मौजूद होता है। साथ ही चूने की डिब्बी से लेकर कई तरह की डिवाइस दिल्ली के चांदनी चौक, जामा मस्जिद के मार्केट से देशभर में सप्लाई की जा रही है। दुकानदार कई रेट और मॉडल के अनुसार डिवाइस उपलब्ध करवा देते हैं। डिवाइस में लगी चिप में ईसीएम का सॉफ्टवेयर अपलोड कर दुकानदार उसे गाड़ी में लगा देता है।
स्टीयरिंग के नीचे लगती डिब्बी
डिवाइस एक डिब्बी में बंद होती है। यह डिब्बी स्टीयरिंग के नीचे इस तरह से फिट की जाती है कि उस पर किसी की नजर न जाए। इस डिब्बी में एक स्विच होता है। गाड़ी ऑन करने साथ ही डिब्बी में लगे स्विच को भी ऑन करना होता है।
चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है
एक्सपर्ट बताते हैं कि जिन गाड़ियों में डिवाइस लगती है उनके चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है। डिवाइस लगाते समय हैकर गाड़ी के ईसीएम का डाटा रीड करते हैं। इससे ईसीएम का डाटा दुकानदार के पास पहुंच जाता है। ऐसे में वह चाहे तो आपकी कार की चाबी तक बना सकता है।
चोरी-छिपे लगती है डिवाइस
मीटर रीडिंग बढ़ाने वाले अशफाक बताते हैं कि यह काम चोरी छिपे ही होता है। इसके लिए हम लोग दिल्ली से डिब्बी लेकर आते हैं और यहां पर गाड़ियों में फिट कर देते। 300 से 2500 रुपए तक की डिब्बी लगाई जाती है।
मूल्यकार
300 सूमो, मार्शल
500 टवेरा, स्विफ्ट
1500स्विफ्ट डिजायर, स्कॉर्पियो, सफारी
2500इनोवा, एक्सयूव्ही,फोर्चुनर
टैक्सी से सफर तो ये रखें सावधानी
यदि आप टैक्सी से सफर कर रहे हैं तो सावधान रहिए। कहीं वाहन चालक मीटर की रीडिंग बढ़ाकर आपकी जेब हल्की न कर दे। जरूरी है कि घर निकलते वक्त आप उस स्थान की दूरी का पता करें, जहां आप जाना चाहते हैं। गुगल मैप डाउन लोड कर पूरे रास्ते का पता कर सकते हैं। घर से निकलते वक्त वाहन का मीटर अवश्य जांचे।
एक्सपर्ट व्यू
हैकर्स ने एक डिवाइस तैयार की है। इसमें लगा सेंसर वाहन के ईसीएम को संकेत देता है और वह संकेत को मीटर के लिए फोरवर्ड करता है। दुकानदार वाहन में डिवाइस लगाने के लिए ईसीएम का डाटा रीड करता है, जो आपके वाहन की सुरक्षा के लिए खतरा है।
आरके यादव, जनरल मैनेजर , फौक्सवेगन कार
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