ग्वालियर-
हाईकोर्ट की युगल पीठ ने डीआरडीई के 200 मीटर के दायरे में हुए अवैध निर्माण पर गुरुवार को सुनवाई की। कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता से पूछा कि 200 मीटर के दायरे में किए गए साइंटिफिक सर्वे की रिपोर्ट कहां है। पहले शासकीय अधिवक्ता ने लंच तक का समय लिया उसके बाद एक सप्ताह समय मांग लिया।
राजेश भदौरिया ने डीआरडीई के 200 मीटर के दायरे में हुए अवैध निर्माण के खिलाफ जनहित याचिका दायर की है। उसने तर्क दिया है कि डीआरडीई के चारों ओर अवैध निर्माण होने से उसकी सुरक्षा को खतरा बढ़ गया है। कोर्ट ने अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दिया था, जब मकान तोड़ गए तो लोगों का विरोध शुरू हो गया। सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाएं दायर की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने पीड़ितों के आवेदनों पर सुनवाई की। फिलहाल तोड़फोड़ रुक गई। इसके अलावा पीड़ितों ने कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई कि 200 मीटर का दायरा कहां से तय किया जाएगा, यह भी निर्धारित नहीं है। केन्द्र शासन ने बताया कि डीआरडीई की बाउंड्री से 200 मीटर की नाप होगी। इसके अलावा कोर्ट ने 200 मीटर के दायरे का साइंटिफिक सर्वे का आदेश दिया था। यह सर्वे राजस्व विभाग को करना था, लेकिन रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं हो सकी। फाइनल सुनवाई के लिए कोर्ट ने शासन से साइंटिफिक सर्वे की रिपोर्ट मांगी है।
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