ग्वालियर
शहर की सीमा से निकलने वाले आगरा.मुम्बई और ग्वालियर.झांसी राष्ट्रीय राजमार्गों का केन्द्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय द्वारा कंसलटेंट कंपनी से लगातार ऑडिट कराए जाने के बाद भी सड़क हादसों में कमी नहीं आ रही है। हादसों में कमी लाने विगत दिनों सुप्रीम कोर्ट द्वारा केन्द्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय को आदेशित किया है। इस आदेश के बाद अब सरकार ने फिर से राजमार्गो का ऑडिट कराने जा रहा है। इनमें ग्वालियर के राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं।
ग्वालियर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार सड़क हादसे बढ़ते जा रहे हैं।
शनिवार को ही सेना के एक जवान की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। वहीं इससे पूर्व भी लगातार सड़क हादसे होते रहे हैं जिनमें कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सड़क हादसों की बढ़ती संख्या के कारण सर्वोच्य न्यायालय ने राज्यों के बीच से निकलने वाले राजमार्गो में सुरक्षा के उपाय किए जाने का आदेश दिया है। इस आदेश के पालन में केन्द्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने फिर से सड़कों के ऑडिट कराने का आदेश जारी किया है। इस बार ऑडिट में कंसलटेंट कंपनी द्वारा वीडियोग्राफी भी की जाएगी।
100 किलोमीटर घूम कर करेगी ऑडिट
जानकारी के अनुसार इस बार ऑडिट टीम राष्ट्रीय राजमार्गों का निरीक्षण करेगी। साथ ही 100 किलोमीटर की दूरी तक ऑडिट के दौरान पूरी वीडियोग्राफी भी की जाएगी।
ये हैं हादसों के प्वाइंट
आगरा.मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिमरिया टेकरी पर अंधा मोड होने के कारण यहां दो साल में दो दर्जन से अधिक हादसे हो चुके हैं। इसी प्रकार ग्वालियर.झांसी हाइवे पर जौरसी की घाटी का प्वाइंट भी काफी खतरनाक है। यहां पर अक्सर बड़े हादसे होते रहे हैंए जिनमें अभी तक कई लोग जान गंवा चुके हैं।
यह देखते हैं ऑडिट मे
ऑडिट में सड़क की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा किए गए कार्यों को देखा जाता है। इसमें सड़क पर आवारा जानवरों के घुमने के स्थानए मोड़ए चौराहा एवं तिराहा की स्थिति देखी जाती है।
राष्ट्रीय राजमार्गों में सुरक्षा की जांच के लिए मंत्रालय द्वारा लगातार ऑडिट कराया जाता रहता है। सड़क हादसों में पहले से कमी आई है। साथ ही पहले से सुरक्षा के कार्य भी बेहतर हुए हैं।
संजय वर्माए टेक्निकल मैनेजर एनएचएआई
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