ग्वालियर-
रेत और गिट्टी का अवैध कारोबार करने वाले माफिया पिछले5 सालों में अरबों रूपए की रॉयल्टी डकार चुके है। ये आकड़ाअकेले ग्वालियर जिले का है। एक अनुमान के मुताबिक करीबढ़ाई करोड़ के पत्थर और 40 लाख की रेत का अवैध कारोबारहर रोज होता ग्वालियरजिले से होता है।
माइनिंग विभाग से जुड़ेसूत्रों के मुताबिक जिलेकी पत्थर खदानों से हरदिन 1000 डंपर गिट्टीऔर करीब 350 ट्रॉली
रेत की ग्वालियर शहर मेंआती है। इसमें से बमुश्किल 100 से 200 उन्ही वाहनों की हीरॉयल्टी कटती है जिनकी शहर से सटे दूसरे राज्य (उप्र औरराजस्थान) में सप्लाई की जाती है। बीते कुछ सालों के राजस्वका हिसाब पर नजर दौडाए तो साल भर की रॉयल्टी कुछ हीकरोड़ सरकार के खजाने में आ पाई।जबकि रेत और गिट्टी का यह कारोबारसालाना दो हजार करोड़ से भी ज्यादा काहै। इससे साफ है कि सरकार के ही अफसरऔर कर्मचारी मिलकर सरकार के खजानेको तगड़ा चूना लगा रहे हैं।चल रहे सैड़को डंपरपकड़े सिर्फ 24रेत और गिट्टी का यह अवैधकारोबार बिना सांठगांठ के मुमकिनही नहीं। मामला सामने आने परएसपी नवनीत भसीन के निर्देश परडबरा के रास्ते सिरोल इलाके में बिनारॉयल्टी के रेत और गिट्टी वाहन लेजाने वालों पर कार्रवाई की गई। 

हैरानी की बात ये है कि पुलिस कीइस कार्रवाई में गिट्टी से भरे सिर्फ24 डंपर ही पकड़े गए। जबकि अवैधडंपर के चलने की संख्या सैकड़ों में

है। बताया जाता है कि जिले की पत्थरखदानों से हर दिन 1000 डंपर,हाइवा, एलपी और 350 ट्रॉली रेतग्वालियर शहर में आती हैं।
हर जगह अवैध नाकेसिर्फ गेट पास इजाजतचांदपुर, रायपुर, लिधौरा, गजापुर, बाबूपुरऔर लुहारी, कोई भी रेत खदान हो बिनारेत माफिया की पर्ची कटाए कोई वहां सेपास नही हो सकता। दरअसल जो भी यहांसे रेत लेकर निकलता है, उसे दबंग रेतमाफिया के लोगों से रसीद कटानी हीपड़ती है। इ
सके लिए हर रेत खदान सेकुछ दूरी जैसे लोहगढ़, टेकनपुर, सहराईआदि जगहों पर अवैध नाके लगा रखे हैं।इन नाकों पर वाहन चालक गेट पास कीरसीद, जिस पर खदान का नाम लिखाहोता है। इस गेट पास को दिखाने पर हीउन्हे आंगे जाने दिया जाता है। इसी गेटपास को देखकर पुलिस भी वाहन चालकको जाने की इजाजत देती है।
सके लिए हर रेत खदान सेकुछ दूरी जैसे लोहगढ़, टेकनपुर, सहराईआदि जगहों पर अवैध नाके लगा रखे हैं।इन नाकों पर वाहन चालक गेट पास कीरसीद, जिस पर खदान का नाम लिखाहोता है। इस गेट पास को दिखाने पर हीउन्हे आंगे जाने दिया जाता है। इसी गेटपास को देखकर पुलिस भी वाहन चालकको जाने की इजाजत देती है।माइनिंग अधिकारीसे बातचीत
. पुलिस की कार्रवाई में 24 डंपर पकड़े गए
आपका विभाग कार्रवाई क्यों नहीं करता?

. पुलिस कार्रवाई में बल्क में डंपर पकड़े जाते हैं।
इसलिए वह हाईलाइट हो जाता है, लेकिन हमअलग-अलग जगह कार्रवाई करते है। इसलिएवह कार्रवाई सामने नहीं आ पाती।
. बल्क में पकड़े डंपर से साफ है कि अवैधउत्खनन है। फिर भी इसे रोका क्यों नहीं जाता?
. अवैध उत्खनन को लेकर हम लगातार रोकने काप्रयास करते हैं। हमारे द्वारा लगातार कार्रवाई कीजाती है। हम 40 के आसपास कार्रवाई कर चुके हैं।
इन सब कार्रवाई के बाद भी यह अवैध कारोबार
चल कैसे रहा है?
. जगह-जगह लोग उत्खनन करते हैं। हम
अभियान चलाकर कार्रवाई करते -हैं।–
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