अटेर में चंबल नदी पर बन रहा प्रदेश का सबसे लंबा पुल, 2019 में शुरू होगा ट्रैफिक
ग्वालियर-भिंडअटेर में चंबल नदी पर बन रहे प्रदेश के सबसे लंबे 850 मीटर के पुल का निर्माण दिल्ली मेट्रो ट्रेन के लिए बने पुल की तर्ज पर किया जा रहा है। प्रदेश में पहली बार सेगमेंटल लॉन्चिंग तकनीकी का उपयोग कर इस पुल का निर्माण में किया जा रहा है, जिससे यह पुल काफी जल्द बनकर तैयार हो जाएगा। निर्माण कार्य कर रही कंपनी ने दावा किया है कि वर्ष 2019 में इस पुल पर बड़े वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा।
मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश की सीमा को जोड़ने वाले इस पुल के निर्माण से भिंड से आगरा की दूरी घटेगी। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की ओर से अटेर-जैतपुर के मध्य बन रहे प्रदेश के इस सबसे बड़े पुल को 28 अक्टूबर 2015 में स्वीकृति मिल गई थी। बिहार की नारायणदास कंस्ट्रक्शन को सरकार ने इस कार्य की जिम्मेदारी दी है। दिसंबर 2016 में इस पुल का निर्माण शुरू हो गया था। प्रदेश में पहली बार इस वृहद पुल में सेगमेंटल लॉन्चिंग पद्धति का इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां बता दें कि दिल्ली में मेट्रो ट्रेन के लिए बनाए गए पुल में भी इस पद्धति का इस्तेमाल किया गया था।
यह है सेगमेंटल लॉन्चिंग: पिलर निर्माण के साथ ही अलग से प्लांट पर स्लैब तैयार किए जा रहे हैं। इस नई पद्धति के तहत चंबल नदी पर पुल बनाने के लिए जहां पिलर खड़े किए जा रहे हैं, वहीं अलग प्लांट पर उसके लिए स्लैब भी तैयार किया जा रहे हैं। एक स्लैब बनकर पूरी तरह से तैयार हो गई है। दूसरी स्लैब बनाने का कार्य चल रहा है। बताया जा रहा है कि जैसे ही पिलर पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएंगे, वैसे ही सेगमेंटल लॉन्चिंग पद्धति के तहत तैयार किए गए स्लैब को सीधे-सीधे उन पर रख दिया जाएगा। इंजीनियर के मुताबिक स्लैब को अलग से नीचे तैयार किए जाने से जहां उनकी गुणवत्ता काफी अच्छी रहती है, वहीं काम में भी काफी तेजी आती है।
प्रदेश का सबसे लंबा होगा पुल : अटेर-जैतपुर के बीच बनाए जा रहे इस पुल की लंबाई 850 मीटर है। इसकी चौड़ाई 12 मीटर यानि 40 फीट होगी। बताया जा रहा है कि यह प्रदेश का सबसे लंबा पुल होगा। जब यह पुल स्वीकृत हुआ था, तब इसकी चौड़ाई 8.5 मीटर थी। बाद में भविष्य में इस रूट पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए चौड़ाई में वृद्धि कराकर इसे 12 मीटर करा दिया। खास बात यह है कि इस पुल के लिए केंद्र सरकार के सीअारएफ (सेंट्रल रोड फंड) से राशि जारी की गई है।
जमीन से 95 फीट ऊंचा होगा पुल: इंजीनियरों के मुताबिक इस पुल में कुल 18 पिलर बनाए जाएंगे, जिसमें 14 पिलर ग्राउंड लेवल तक तैयार हो गए हैं। कुछ पिलर के ऊपरी हिस्से पर स्लैब रखने वाला हिस्सा तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह पुल जमीन से 95 फीट ऊंचा होगा। वहीं प्रत्येक पिलर 130 फीट जमीन के अंदर गहराई में है।
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