ग्वालियर-
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी के निर्वाचन की सरगर्मी हाईकोर्ट व जिला कोर्ट में तेज हो गई है। इस बार युवा वकील व जातीय समीकरण के आधार पर अध्यक्ष तय होगा। वहीं संभावित प्रत्याशियों के सामने नए वकीलों ने अपने मुद्दे भी रख दिए हैं। यह मुद्दे चर्चा में भी आ गए हैं। इसके अलावा वकीलों ने चुनावी नारे भी दिए हैं।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का सदस्यता शुल्क जमा किया जा रहा है। 29 दिसंबर तक जमा होगा। मतदाता सूची प्रकाशन के बाद प्रत्याशियों के नामांकन भरने व वापस लेने की शुरुआत होगी। 9 जनवरी 2019 तक तक यह प्रक्रिया निपट जाएगी। लेकिन न्यायालयों में प्रचार ने जोर पकड़ लिया है। प्रत्याशियों के सामने बार के मुद्दे भी वकीलों के सामने रख दिए हैं, लेकिन अध्यक्ष पद पर जीत युवा अधिवक्ता तय करेगा। साथ ही जातीय समीकरण के आधार पर जीत का अंदाजा लगाया जा रहा है। इस बार भी वैश्य समाज के अधिवक्ता अध्यक्ष की जीत तय करेंगे,क्योंकि यह वोट ज्यादा निर्णायक है। वहीं अध्यक्ष व सचिव भी आपस में समझौता कर रहे है कि अपने समर्थकों के वोट एक दूसरे को दिलाएं। इसके अलावा चुनाव में तीन नारे दिए गए हैं।
यह मुद्दे उठाए जा रहे चुनाव में
– युवा अधिवक्ता प्रत्याशियों से वादा ले रहे हैं कि बार के पदाधिकारी दूसरे के केस नहीं छीनेंगे। क्योंकि पूर्व के अध्यक्षों के काम से जिला कोर्ट के वकील नाराज हैं, क्योंकि उन्होंने दूसरे अधिवक्ताओं के केस छीनने का काम किया था। एक दूसरे के केस छीनने का मुद्दा चुनाव में प्रमुख रूप से उठाया जा रहा है।
– बार की लाइनब्रेरी में मध्य शासन से फंड लिया जाए। न कि बार के पैसे से लाइब्रेरी का विकास किया जाए।
– अध्यक्ष अपना नफा व नुकसान न देखे। अगर न्यायालयीन कार्य से विरत होने की घोषणा से पहले कुछ पदाधिकारी अपना समायोजन आवेदन पेश कर देते थे।
– बार-बार चुनाव में खड़े होने वाले उम्मीदवारों का भी अधिवक्ताओं में विरोध है।
– सोशल मीडिया पर चुनाव की खासी चर्चा है। अध्यक्ष पद पर टक्कर पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी, वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद भारद्वाज व पूर्व अध्यक्ष प्रेम सिंह भदौरिया के बीच हैं। राम विरास शर्मा, हरीश दीवान, पंकज पालीवाल भी मैदान में है।
यह दिए जा रहे नारे
– बार में भी वक्त बदलाव का है।
– बार अध्यक्ष नेता नहीं। वकील चाहिए।
-विकास के लिए ऐसा व्यक्ति चुनें, जो जूनियर अधिवक्ताओं की जरूरतों को समझे।
यह रहेगा चुनाव कार्यक्रम
– 29 दिसंबर 2018 तक बार के सदस्य अपना सदस्यता शुल्क जमा कर सकेंगे।
-31 दिसंबर 2018 तक जिनका सदस्यता शुल्क जमा होगा, उनको ही वोट डालने का अधिकार होगा।
– 2 जनवरी 2019 को मतदाता सूची जारी की जाएगी और 2 व 4 जनवरी तक दावे आपत्ति पेश कर सकते हैं। 5 जनवरी को फाइनल सूची जारी कर दी जाएगी।
– 6 से 8 जनवरी 2019 तक उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र जमा कर सकते हैं।
– 9 जनवरी 2019 को नामांकन वापसी होगी। उसी दिन उम्मीदवारों की सूची चस्पा कर दी जाएगी।
– 18 जनवरी को 2019 को मतदान होगा।
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