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पुलिस अफसरों की चिंता -लूटी गईं इनसास की बरामदगी के लिए पुलिस यादव नेताओं के संपर्क में

ग्वालियर-पुलिसकस्टडी से फरारहत्या के आरोपी भीमा उर्फ भीम यादव को छुड़ाने के साथ ही लूटी गईं दो इनसास राइफल को पुलिस वारदात के 48 घंटे बाद भी बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस अफसरों की चिंता है कि अत्याधुनिक राइफलें किसी बड़ी गैंग तक न पहुंच जाएं। इसलिए पुलिस की पहली प्राथमिकता राइफलों को बरामद करना है। हथियारों की वापसी के लिए पुलिस भीमा यादव के रिश्तेदारों व नजदीकी लोगों पर दबाव बना रही है। पुलिस को आशंका है कि भीमा को कस्टडी से मुक्त कराने के बाद उसका फौजी भाई उसे लेकर यूपी पहुंच गया है। पुलिस यादव समाज के बड़े नेताओं के संपर्क में है। ताकि किसी भी तरीके से लूटी गईं राइफलें बरामद हो जाएं।
भोपाल सेंट्रल जेल से हत्या आरोपी भीमा उर्फ भीम यादव को प्रधान आरक्षक मायाराम के साथ आरक्षक प्रमोद यादव, विवेक शर्मा व हाकिम शुक्रवार को पेशी पर भिंड लाए थे। आरोपी की सुरक्षा के लिए जवानों को दो इनसास राइफलें दी गई थीं, लेकिन लक्ष्मणगढ़ पुलिया के पास पुलिस पार्टी पर हमला कर बदमाश भीमा को छुड़ाकर ले जाने के साथ ही एक आरक्षक को अगवा कर सरकारी राइफलें भी लूट ले गए थे। इसके बाद अपह्रत सिपाही प्रमोद यादव को बदमाश हाइवे पर छोड़करभाग गए थे। पिछले दो दिन से एसटीएफ के अलावा क्राइम ब्रांच व जिला पुलिस की पांच टीमें लूटी गईं राइफलें बरामद करने के साथ ही भीमा को छुड़ाकर ले जाने वाले बदमाशों की तलाश कर रही हैं।
विकास और रंजीत की भी तलाश
शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि भीमा को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने के लिए उसके भाई देवेंद्र फौजी के अलावा उसके दोस्त रंजीत व विकास लहारिया हमला करने वालों में शामिल थे। संदेह के आधार पर पुलिस इनकी भी तलाश कर रही है। यह दोनों शुक्रवार की रात से गायब हैं। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भीमा को छुड़ाने में मदद करने वालों के कुछ नाम सामने हैं। लेकिन पुलिस ने अब तक देवेंद्र फौजी को नामजद नहीं किया है। टीआई महाराजपुरा वायएस तोमर का कहना है कि देवेंद्र को पुलिस पार्टी पहचानती है। इसलिए उसके खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
किशनी आवासपुरा में शरण लिए होने की आशंका
पुलिस ने भीमा और उसके भाई देवेंद्र का पता लगाने के लिए भिंड, मुरैना, इटावा में मुखबिरों का जाल बुन दिया है। पुलिस को खबर मिली है कि पुलिस कस्टडी से भागने के बाद भीमा और उसके साथी यूपी के किशनी आवासपुरा में शरण ले सकते हैं, यहां उनका एक रिश्तेदार रसूखदार भी है यहां इसका फार्म हाउस भी है। पुलिस इस रिश्तेदार पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही है। खबर है कि एक पुलिस पार्टी जानकारी जुटाने के लिए किशनी आवासपुरा पहुंच गई है।
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