“स्वच्छ सर्वेक्षण – 2021” केवल मेन रोड तक सीमित न रह जाये व बस्तियों के टूटी – फूटी नालियों का निर्माण व साफ सफाई की अति आवश्यकता

बढ़ता कारवाँ/ सिंगरौली (जमुना सोनी) बैढन नगर पालिक निगम सिंगरौली अन्तर्गत वार्ड क्र. 32 हर्रई आवासीय योजना जो कि पटवारी हल्का हर्रई पूर्व के खसरा क्र. 174 से 178 तक में आवासीय एवं व्यवसायिक क्षेत्र नियोजित है एवं टाउन एंड कंट्री प्लानिंग में अनुमोदन क्र. 345 दिनांक 05/06/1987 से अनुमोदित है ले आउट प्लान के तहत नियोजित की गयी है जिसमें हर्रई आवासीय योजना के एलआईजी संख्या 15 से 30 के सामने रिक्त भूखण्ड में हनुमान प्रसाद अग्रवाल और अन्य लोगों द्वारा अवैध निर्माण किया गया है और किया जा रहा है और बांउंड्री वाल को तोड़कर वह पूरे क्षेत्र में लगे पेड़ों को काटकर बार – बार अतिक्रमण का प्रयास पहले भी किया गया है जिसकी सूचना समिति द्वारा प्रशासन को दी गयी थी जिस पर जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही करते हुये रोक लगायी गयी थी ।

अब पुनः धार्मिक और सामाजिक आयोजनों का हवाला देकर नियोजित हरित क्षेत्र व नाला के पास आस करोड़ो की बेशकीमती जमीनों पर एकाधिकार व अवैध निर्माण नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से किया जा चुका है और किया जा रहा है ।
वही नवजीवन रहवासी कल्याण समिति मोहल्ले की रहवासी कल्याण संगठन है और मोहल्ले में किसी भी तरह की अवैध अवांछनीय गतिविधि एवं अतिक्रमण संबंधित सूचना प्रशासन तक पहुंचाना उसके उपविधि समर्पित उद्देश्य में शामिल है और वहीं संस्था उक्त मामले को नियम विरुद्ध अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने समिति द्वारा पूर्व में आवेदन पत्र क्र. एनआरकेएस/10/12/2020 को जिला कलेक्टर सिंगरौली पत्र लिखा गया था जिस पर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नही हुयी है ।
वही “स्वच्छ सर्वेक्षण – 2021” के तहत मेन रोड के दोनों तरफ सड़क नाला नाली की साफ-सफाई तक सीमित है और वही मुहल्ला व बस्तियों के अंदर न नाली है न साफ सफाई होती है और वही बस्तियों में महीनों के अंदर कभी कभार साफ सफाई की जाती है और ऐसे में “स्वच्छ सर्वेक्षण – 2021” सिंगरौली को स्वच्छता में नंबर -1 लाने की पूरी कोशिश की जा रही है मोहल्लों व बस्तियों के सड़को के किनारे गंदगी का आलम अपने आप खुद बयां करता है जिसमें किसी से छुपा नहीं है ऐसे में जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूं ।
2017 में अधिशासी अभियंता रिहंद बांध सिविल खंड सोनभद्र ने लिखा था पत्र नहीं हुयी कोई कार्यवाही
जिससे नवजीवन बिहार विंध्यनगर नियोजित हरित क्षेत्र घोषित सौरा नाला दिन पर दिन अतिक्रमण के कारण सकरा होता जा रहा है और न तो साफ – सफाई की जा रही है और न तो नाला के किनारे वृक्षारोपण किया जा रहा है और इसके पूर्व में दिनांक 24/08/2017 को अधिशासी अभियंता रिहंद बांध सिविल खंड पिपरी सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) द्वारा जिला कलेक्टर सिंगरौली को पत्र लिखा गया था कि जो सौरा नाला है वह रिहंद जलाशय की केचमेंट एरिया में आता है और वही नगर निगम द्वारा भूखंडों की नीलामी में कूट रचना एवं प्राकृतिक जल स्त्रोत के अस्तित्व से खिलवाड़ की गयी है जिसकी जांच कराने की मांग की गयी थी जिसे आज तक जिला कलेक्टर सिंगरौली द्वारा संज्ञान में नहीं लिया गया है ।
वहीं नवजीवन रहवासी कल्याण समिति सचिव एस.डी. गर्ग का कहना है कि प्रकृति और सरकारी संपत्तियों के संरक्षण के लिये युवाओं, प्रबुद्धजनों को निगाह रखना और समय – समय प्रशासन को अवगत कराना जरूरी है नहीं तो आने वाले दिनों में जल संकट, जलभराव, बाढ़ और सार्वजनिक निस्तार में बाधाये उत्तपन्न होगा ।
वही जनहित में जिला प्रशासन सिंगरौली द्वारा संज्ञान में लेने की अति आवश्यकता है सौरा नाला का अस्तित्व व नियोजित हरित क्षेत्र सुरक्षित रहे ।
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