ग्वालियर।
ग्वालियर शहर में अवैध होर्डिंग्स का आंकड़ा तीन सैकड़ा के पार जा सकता है। याचिककर्ता सुमन सिकरवार को शहर में अब तक 250 होर्डिंग्स मिल चुके हैं। सबूत के तौर पर उनके फोटो खींचे गए हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर याचिकाकर्ता ने यह तथ्य जुटाए हैं। अब तक की पड़ताल से पता चला है कि होर्डिंग्स के अवैध कारोबार ने नगर निगम को पिछले दो साल में ही 20 करोड़ से ज्यादा की चपत लगी है। मामला गंभीर होने के बाद भी निगम अधिकारी इस मामले में अधिक दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
तीन दिन में चौराहों पर जाकर खिंचवाए फोटो
अवैध होर्डिंग्स को लेकर सुमन सिकरवार ने 2014 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। पिछले दिनों कोर्ट ने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि याचिकाकर्ता को वाहन और फोटोग्राफर उपलब्ध कराया जाए जिससे वे फोटो खींचकर अदालत में दे सकें। अदालत के आदेश के पालन में निगम ने सिकरवार को वाहन और फोटो ग्राफर उपलब्ध कराया है। उन्होंने पिछले तीन दिन में शहर के प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया। वहां 250 होर्डिंग्स चि-ति किए हैं। निगम ने 50 होर्डिंग्स के स्ट्रक्चर हटा दिए हैं। इस तरह शहर में तीन सैकड़ा से ज्यादा होर्डिंग्स लगे थे।
साइज को लेकर महाघोटाला
नगर निगम परिषद ने भी अवैध होर्डिंग्स की जांच के लिए पार्षदों की तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें धर्मेन्द्र राणा, कृष्णराव दीक्षित तथा धर्मेन्द्र कुशवाह शामिल हैं। पिछले दिनों समिति ने शहर के केवल 5 स्थानों पर लगे होर्डिंग्स ही देखे थे। वहां मंजूरी तो 8 की थी लेकिन 28 लगे थे। जिन्हें निगम ने मंजूरी दी थी उनके साइज भी दोगुना थे। इसलिए अवैध होर्डिंग्स के साथ ही साइज में महाघोटाला किया जा रहा है। इससे निगम को दो साल में 20 करोड़ से ज्यादा राजस्व की चपत की आशंका जताई जा रही है। याचिकाकर्ता ने भी निरीक्षण के दौरान साइज का कारनामा पकड़ा है।
तकनीकी विशेषज्ञों से कराना होगी जांच
याचिकाकर्ता और निगम परिषद की समिति में तकनीकी विशेषज्ञ नहीं हैं, इसलिए होर्डिंग्स का साइज और शर्तों का सही आंकलन नहीं हो पा रहा है। निगम प्रशासन इस मामले में कोई सहयोग नहीं कर रहा है। परिषद की जांच समिति को तो पूरे दस्तावेज ही उपलब्ध नहीं कराए हैं। इसलिए यदि विशेषज्ञ को शामिल किया जाता है तो घोटाला और बड़ा हो सकता है। निगम परिषद द्वारा गठित समिति की जांच अभी अधूरी है। चूंकि मामला गंभीर है इसलिए वे ईओडब्ल्यू अथवा लोकायुक्त से जांच सौंपने का प्रतिवेदन निगम को देने की तैयारी कर रहे हैं।
निगम ने हटाए दो होर्डिंग्स
हाई कोर्ट के डर पर निगम प्रशासन ने रविवार को दो होर्डिंग्स हटाए। उपायुक्त अनिल दुबे तथा मदाखलत अधिकारी शशिकांत शुक्ला के निर्देशन में चेतकपुरी तथा हुरावली से एक-एक यूनिपोल हटाने की कार्रवाई की गई।
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