ग्वालियर- रेलवे स्टेशन पर दीपावली की भीड़ में यात्रियों को अपने सामान की स्वंय ही सुरक्षा करना होगी। स्टेशन पर जीआरपी द्वारा लगाए गए कैमरे दीपावली तक शुरु नहीं हो पाएंगे। इसके चलते दीपावली की भीड़ में यात्रियों का अगर सामान चोरी होता है या कोई घटना होती है तो इसकी जानकारी तीसरी आंख नहीं दे पाएंगी। रेलवे स्टेशन पर रेलवे के साथ जीआरपी और आरपीएफ के कैमरे लगे हुए है। लेकिन इनमें सबसे अच्छे कैमरों की क्वालिटी जीआरपी की है। लेकिन पिछले छह महीने से यह सभी कैमरे बंद पड़े हुए है। रेलवे स्टेशन पर लगी आग के बाद तो सभी कैमरे बंद हो गए है। जबकि जीआरपी के कैमरे चारों प्लेटफॉर्म के साथ सर्कुलेटिंग एरिया में भी लगे हुए है। यह सर्कुलेटिंग एरिया का काफी हिस्सा कवर करते है। जबकि रेलवे के कैमरों की हालात यह है कि इन कैमरों में आसपास की ही लोकेशन नहीं दिखाई देती है। ऐसे में किसी भी घटना होने पर सीसीटीवी फुटेज देखने में काफी परेशानी आती है।
जीआरपी के ३२ कैमरों छह महीने से खराब
रेलवे और जीआरपी के अधिकारियों को है जानकारी
स्टेशन पर खराब कैमरों की जानकारी रेलवे के साथ जीआरपी के अधिकारियों को भी है। लेकिन कोई भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। अभी दो महीने पहले ही रेलवे के डीआरएम सहित अन्य अधिकारियों ने जीआरपी थाने में जाकर व्यवस्थाओं को देखा था, लेकिन उसके बाद भी कुछ नहीं हुआ है।
इनका कहना है
हम अपने कैमरों को शुरु कराने का पूरा प्रयास कर रहे है। जल्द ही कैमरों को शुरु कराया जाएगा। पिछले काफी समय से इसकी समस्या सामने आ रही है।
मनीष अग्रवाल, रेल एसपी
हमने अपने कैमरों को नया बदल रहे है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही हमारे कैमरों की क्वालिटी भी अच्छी होगी।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ झांसी मंडल
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