ग्वालियर-
जयारोग्य अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में 30 अगस्त को कैथ लैब का शुभारंभ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर करेंगे। इस लैब के शुरू होने के बाद एंजियोग्राफी महज 4 हजार रुपए में ग्वालियर में हो सकेगी, जबकि दिल्ली के बड़े अस्पतालों में उपचार पर करीब 17 हजार का खर्चा आता है। एंजियोग्राफी के रेट फाइनल हो चुके हैं, जबकि एंजियोप्लास्टि एवं पेस मेकर के रेट गजराराजा मेडिकल कॉलेज में होने वाली कार्यकारिणी समिति की बैठक में फाइनल होंगे।
जयारोग्य अस्पताल में कैथ लैब स्थापित हो चुकी है। जिसका शुभारंभ 30 अगस्त को दोपहर 3 बजे ओल्ड ऑडिटोरियम मेडिकल कॉलेज परिसर में होगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक मुन्नाालाल गोयल करेंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद विवेक नारायण शेजवलकर

एवं विधायक प्रवीण पाठक
मौजूद रहेंगे। कंपनियों से उपकरण का रेट मंगाने के बाद एंजियोग्राफी के रेट फाइनल हो चुके हैं। जेएएच में 4 हजार में एंजियोग्राफी हो सकेगी। वहीं एंजियोप्लास्टि के लिए 50-60 हजार का एस्टीमेट रखा गया है। यदि गुरुवार को कार्यकारिणी की बैठक में इस पर मुहर लग जाती है तो ह्दय रोगियों को ग्वालियर में ही काफी सस्ता उपचार मिल सकेगा। क्योंकि दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में एंजियोप्लास्टि का शुल्क करीब 1.40 लाख है। ऐसे में मरीजों का पैसे के साथ ही समय की भी बचत होगी।


ट्रायल पर लैबः कैथ लैब अभी ट्रायल पर है। इसमें रोजाना एक से अधिक मरीज की एंजियोग्राफी या एंजियोप्लास्टि शुरुआत में नहीं की जाएगी। हालांकि कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने इसके लिए मरीज चिन्हित कर लिए हैं। उद्घाटन के अगले दिन से कैथ लैब के माध्यम से मरीजों का उपचार शुरू हो जाएगा।
क्या होगा फायदाः अब तक एंजियोग्राफी एवं एंजियोप्लास्टि के लिए ह्दय रोगियों को दिल्ली जाना पड़ता था। जहां एंजियोग्राफी के 17 से 25 हजार एवं एंजियोप्लास्टि के 1.40 लाख से 2.15 लाख तक लगते थे। इसके अलावा दिल्ली में रहना एवं खाने के साथ ही मरीज को एंबुलेंस से लाने ले जाने में भी काफी पैसा खर्च होता था। जयारोग्य अस्पताल में बीमारी का उपचार तो कम खर्च में होगा ही साथ ही मरीजों का रहना, खाना के साथ ही मरीज को लाने ले जाने का खर्चा भी बचेगा।
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