ग्वालियर
तीन राज्यों में 70 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम करने वाला लघु उद्योग निगम (एलयूएन) बिना सब इंजीनियर के चल रहा है। निगम में सीजीएम सहित कुल 14 अिधकारी पदस्थ हैं। सब इंजीनियर न होने के कारण प्रोजेक्ट्स की मॉनीटरिंग समय पर नहीं हो पा रही है।
ग्वालियर लघु उद्योग निगम (एलयूएन) के मप्र, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा में 70 करोड़ रुपए से अधिक के काम चल रहे हैं। हालांकि छत्तीसगढ़ और उड़ीसा में केवल नवोदय विद्यालय के पुराने काम ही चल रहे हैं, लेकिन मप्र में निगम के तीनों डिवीजन (ग्वालियर, इंदौर और भोपाल) में कई प्रोजेक्ट प्रचलन में हैं। इसमें ग्वालियर डिवीजन में भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, शहडोल, अनूपपुर और उमरिया आता है। इस डिवीजन में लगभग 20 करोड़ रुपए के काम अलग-अलग क्षेत्र में चल रहे हैं। एलयूएन इस समय इंडस्ट्रियल एरिया में सड़क और पुलिया बनाने का काम कर रहा है। सब इंजीनियर न होने के कारण न तो समय पर बिल बन पाते हैं और न ही भुगतान हो पाता है।

यह हैं अधिकारी
एलयूएन में डीएस तोमर (सीजेएम) भोपाल, अनिल गंगराडे कार्यपालन यंत्री ग्वालियर, प्रदीप पंचौलिया, एआर खान, एसके भवसार और शिरीष कस्तूरे (यह सभी सहायक यंत्री हैं, लेकिन कार्यपालन यंत्री के चार्ज में हैं।) रविन्द्र वर्मा, हरीश विश्वकर्मा, शिशुपाल सिंह गुर्जर, वीरेंद्र सिंह कंसाना, एसआर धाकड़, बृजेन्द्र सिंह, दशरथ निगवाल और सुधीर सक्सेना (यह सभी सब इंजीनियर हैं लेकिन सहायक यंत्री के चार्ज में हैं।)
स्टाफ की कमी से काम प्रभावित होता है
 साइटं इंजीनियर की कमी होने से दिक्कत तो आती है, लेकिन स्टाफ कम है तो हम उसी से काम चलाते हैं। प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग करने जाना तो पड़ता है, लेकिन इससे दूसरे काम प्रभावित होते हैं। अनिल गंगराडे, जीएम, लघु उद्योग निगम
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