ग्वालियर-
बारिश से पहले नालों की सफाई के साथ अतिक्रमण हटाने की चुनौती प्रशासन और निगम के सामने है। नालों पर अतिक्रमण के नाम पर एक से बढ़कर एक बिल्डिंग और बड़ी इमारतें काबिज हैं। रविवार को थाटीपुर इलाके में गैलेक्सी मैरिज गार्डन पर जिला प्रशासन की टीम पहुंची जिसने सरकारी नाले को दबा रखा था। यहां पहले तो गार्डन संचालक रौब झाड़ने लगा जब पड़ताल में गार्डन पर 40 लाख डायवर्सन शुल्क बकाया मिला तो हवाइयां उड़ गईं। मैरिज गार्डन की बाउंड्री तोड़ दी। इसी गार्डन के ठीक सामने राजौरिया ऑटोमोबाइल ने सरकारी नाले पर निर्माण कर रखा था और जब दस्तावेज खंगाले तो पता चला कि नगर निगम ने यहां सरकारी नाले का ही नामांतरण कर डाला। इस मामले में कलेक्टर ने गहन जांच के आदेश दिए हैं।

सुरेश नगर में जब अमला पहुंचा तो महिलाओं ने विवाद किया और अफसरों ने मामला शांत कराया।
एडीएम (ग्रामीण) रिंकेश वैश्य,एसडीएम झांसी रोड अनिल बनवारिया,पुष्पा पुषाम व सीबी प्रसाद सहित निगम अफसर थाटीपुर क्षेत्र में सरकारी नालों से अतिक्रमण हटाने पहुंचे। यहां गैलेक्सी मैरिज गार्डन का संचालक एसडीएम अनिल बनवारिया से बहस करने लगा जब एसडीएम ने 40 लाख डायवर्सन शुल्क बकाया बताया और वसूली की बात की तो संचालक के तेवर ढीले हो गए। वह अफसरों को चाय-पानी की पूछने लगा। जानकारी पर पता चला कि सरकारी नाले केा कब्जा कर संचालक ने पहले अहाते के लिए इसे किराए पर दे दिया था। सुरेश नगर में नाला से अतिक्रमण हटाने के दौरान महिलाओं ने हंगामा कर दिया जिसपर फोर्स ने उन्हें रोका।
ऐसे पकड़ाः निगम ने कर डाला सरकारी नाले का नामांतरण
थाटीपुर पर राजौरिया ऑटोमोबाइल सहित दो तीन दुकानें बनीं थीं जिन्होने नाले की जमीन को घेर रखा है। एसडीएम अनिल बनवारिया ने बताया कि 2004 में दो भाईयों ने डिक्री कराई और एक ने दूसरे पर दावा ठोक दिया। इसमें कलेक्टर को पार्टी नहीं बनाया और निगम केा बनाया गया। एक भाई ने सुनियोजित ढंग से सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने आदेश किए लेकिन यह भी कहा कि निगम परीक्षण करके कब्जा दिलाए। यहां निगम के तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी नाले के हिस्से का भी नामांतरण कर दिया गया। इस मामले में कलेक्टर ने गहन जांच के आदेश दिए हैं।
लोग डर गए, मकान तो नहीं तोड़ रहे
नाले पर अतिक्रमण हटाने पहुंचे मदाखलत अमले की जेसीबी देख आसपास के निवासी डर गए। उन्हें लगा कहीं अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई तो शुरू नहीं हो गई। मैरिज गार्डन की दीवार तोड़े जाने के दौरान कुछ लोग चर्चा भी कर रहे थे कि कहीं और मकान तो नहीं तोड़े जाएंगे।
सरकारी जमीन का नामांतरण,जांच होगी
नाला अतिक्रमण हटाने के मामले में एक जगह ऐसी भी मिली जहां सरकारी नाले की एनओसी और नामांतरण निगम ने जारी कर दी। यह कैसे हुआ इसकी जांच एसडीएम के माध्यम से कराई जा रही है।
अनुराग चौधरी,कलेक्टर
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