ग्वालियर-
रेलवे स्टेशन ग्वालियर इन दिनों रात होते ही यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं रहता। क्योंकि अंधेरा होते ही यहां शराबी व भिखारियों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। यहां न केवल भिखारी लोगों के पैरों में गिर गिर कर उनका बैठना दूभर कर देते हैं। वहीं शराबियों की अभद्रता का शिकार भी यात्रियों को होना पड़ता है। इस बात की शिकायत अगर कोई यात्री आरपीएफ व जीआरपी के जवानों से करने पहुंचता है। तो उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। बल्कि सुरक्षा के लिए तैनात जवान उल्टा यात्रियों को उनसे दूर रहने की हिदायत दे देते हैं। अगर कोई बड़ा बवाल बिखारी या नशेड़ी कर देते हैं। तो उसे शिकायतकर्ता के सामने केवल दिखावे के लिए हिरासत में लिया जाता है। लेकिन थोड़ी देर बाद स्टेशन से बाहर ले जाकर आरोपी को बिना कार्रवाई छोड़ दिया जाता है।
मारपीट के लिए भी अमादा रहते हैं शराबी
दरअसल ग्वालियर रेलवे स्टेशन इन दिनों शराबियों, भिखारियों के साथ ही बाहरी लोगों के लिए आरामगाह बन गया है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म व टिकट खिड़की के साथ ही आगमन व निकासी दरवाजे पर बड़ी संख्या में भिखारी मौजूद रहते हैं। इनमें से कई नशे में धुत्त असामाजिक तत्व भी होते हैं। अगर इनसे किसी यात्री का पैर गलती से भी टकरा जाए तो ये गाली-गलौज, लड़ाई-झगड़े के साथ ही मारपीट तक पर अमादा हो जाते हैं।
-प्लेटफॉर्म पर सरपट दौड़ाते हैं वाहन
रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 की ओर देर रात होने पर कुछ सिरफिरे युवकों का जमावड़ा लग जाता है। ये युवक नशे में चूर रहते हैं, जो शर्त लगाकर रेलवे ब्रिज पर चढ़ जाते हैं। इस दौरान वे चीखते-चिल्लाते व सीटियां बजाते हुए प्लेटफार्म तक से चक्कर काट कर आ जाते हैं। लेकिन इनपर सुरक्षा जवानों का ध्यान नहीं जाता है।
कड़ी करेंगे सुरक्षा
शराबियों व भिखारियों के कारण अगर रेलवे स्टेशन पर समस्याएं हो रहीं हैं तो यह चिंता का विषय है। हमारे पास शिकायतें नहीं आईं हैं। आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है, जिसपर हम कार्रवाई करेंगे। रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने आरपीएफ व जीआरपी को निर्देशित किया जाएगा।
मनोज सिंह, पीआरओ, झांसी रेल मंडल
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