ग्वालियर-
छह माह पहले हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेसी मंत्रियों ने अपनी झोली तो वोटों से भर ली, लेकिन लोकसभा में पार्टी की ओली (गोद) वोटों से नहीं भरवा सके। यह स्थिति भी तब है जब प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लोकसभा चुनावों से पहले सभी मंत्रियों को स्पष्ट ताकीद कर दी थी कि उनका मंत्री पद लोकसभा में प्रदर्शन के आधार पर ही सुरक्षित रह सकता है।

कहीं न कहीं हुआ यह है कि 15 साल सत्ता से दूर रहने के बाद जब कांग्रेसियों को कुर्सी मिली तो वे सत्ता के मद में चूर हो गए। नतीजे में कार्यकर्ता अकेला खड़ा रह गया और संगठन कार्यालय में बैठक तक सिमट कर रह गया। सबसे अधिक हैरानी की बात तो यह है कि विधायक तो दूर की बात, प्रदेश सरकार के मंत्रियों के इलाके में कांग्रेस वो प्रदर्शन बरकरार नहीं रख पाई जो उसने विधानसभा में किया था। ग्वालियर-चंबल अंचल के मंत्रियों के क्षेत्र में कांग्रेस को हर स्तर पर चोट पहुंची है।
जहां आगे थी, वहां भी पहले से कम वोट
जिन विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी को भाजपा से अधिक वोट मिले भी हैं तो उसके कोई विशेष मायने नहीं रहे। कारण यह कि इन क्षेत्रों में भाजपा ने विधानसभा चुनावों की तुलना में इस बार बेहतर प्रदर्शन किया। लोकसभा चुनावों में वोटों का वो अंतर नहीं रहने दिया, जो विधानसभा में था।
विधानसभा में कहां क्या रही स्थिति
डबराः- यहां विधानसभा चुनाव-18 में भाजपा प्रत्याशी कप्तान सिंह को महज 22.17 प्रतिशत वोट मिले थे, लोकसभा में यहां विवेक शेजवलकर ने 39.59 प्रतिशत वोट हासिल कर लिए। कांग्रेस की मंत्री इमरती देवी को विधानसभा में यहां से 60.60 तो लोकसभा में सिर्फ 52.67 प्रतिशत वोट मिले है।
भितरवारः- यहां मंत्री लाखन सिंह को विधानसभा चुनाव में 42.55 प्रतिशत तो विरोधी अनूप मिश्रा को महज 34.79 प्रतिशत वोट मिले थे। इस बार लोकसभा में यहां कांग्रेस को बढ़कर 47.16 प्रतिशत वोट तो मिले, लेकिन भाजपा ने लगभग 10 प्रतिशत का इजाफा कर 44.49 प्रतिशत वोटों पर कब्जा कर लिया।
ग्वालियरः- कांग्रेस की सबसे अधिक दुर्गति ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र में हुई है। मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के इस क्षेत्र में विधानसभा में कांग्रेस को 52.40 व भाजपा के जयभान सिंह को 40.42 प्रतिशत वोट ही मिले थे। इस बार तस्वीर ही उलट गई। लोकसभा में कांग्रेस को महज 32.41 प्रतिशत तो भाजपा को 64.58 प्रतिशत वोट मिले।
बमौरी(गुना):-यहां मंत्री महेन्द्र सिंह ने विधानसभा में 41.23 व भाजपा के बृजमोहन सिंह आजाद को 23.58 प्रतिशत वोट मिले थे। लोकसभा में मंत्री ने मत प्रतिशत में इजाफा करते हुए कांग्रेसी ज्योतिरादित्य सिंधिया के खाते में 42.91 प्रतिशत मत जुटाए, लेकिन भाजपाई डॉ.केपी यादव ने अपना स्कोर कार्ड सीधे 50.04 प्रतिशत पर पहुंचा दिया।
लहार(भिंड):-मंत्री डॉ.गोविंद ने कांग्रेस प्रत्याशी देवाशीष जरारिया को लेकर खूब डींगे हांकी। विधानसभा में डॉ गोविंद सिंह को 41.54 व भाजपाई रसाल सिंह को 34.25 प्रतिशत वोट मिले थे। लोकसभा में यहां कांग्रेस को तो 42.91 प्रतिशत वोट मिले, लेकिन भाजपा की संध्या राय ने आंकड़ा 50.04 प्रतिशत पर पहुंचा दिया।
मंत्रियों के क्षेत्र में कांग्रेस का रिपोर्ट कार्ड
मंत्री/ क्षेत्र 2018 2019
विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस भाजपा कांग्रेस भाजपा
महेन्द्र सिंह सिसोदिया-बमौरी 41.54 23.58 42.91 50.04
डॉ.गोविंद सिंह -लहार 40.11 34.25 37.50 50.19
प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर 52.40 40.42 32.41 64.58
लाखन सिंह भितरवार 42.55 34.79 47.16 44.49
इमरती देवी डबरा 60.60 22.17 52.67 39.59
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