ग्वालियर- कलेक्टाेरेट में लोकसभा चुनाव के नामांकन प्रक्रिया से जुड़े ड्यूटी दे रहे कई विभागों के करीब 20 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियाें के टीशर्ट और कुर्ता-पायजामा पहनने पर कलेक्टर अनुराग चाैधरी ने राेक लगा दी है। कलेक्टर ने माैखिक निर्देश दिए हैं कि काेई भी कर्मचारी कैजुअल ड्रेस में ड्यूटी पर न आए। कोई विशेष परिस्थिति जैसे अचानक घर से आना पड़े या फिर मेडिकल रीजन हो तो कैजुअल ड्रेस पहनकर आने में हर्ज नहीं है। दरअसल दो दिन पहले प्रत्याशियों को वोटर लिस्ट दिखा रहे कुछ कर्मचारी टीशर्ट और कुर्ता-पाजामा पहने हुए थे। यह देखकर कलेक्टर ने आपत्ति की थी और उन्हें डांट था। सभी कर्मचारी शर्ट और पेंट पहुंचकर ही पहुंचे।
^टीशर्ट, कुर्ता किसी भी सरकारी कर्मचारी का ड्रेस कोड नहीं हो सकता है। कर्मचारी यदि कैजुअल ड्रेस में होगा तो वह सरकारी अमले जैसा नहीं लगेगा। इसलिए कैजुअल ड्रेस में आना प्रतिबंधित किया गया है। -अनुराग चौधरी, कलेक्टर
^सरकारी दफ्तर में कर्मचारी को ऐसी ड्रेस पहनना चाहिए जिससे शालीनता बनी रहे और वह कर्मचारी जैसा लगे भी। दफ्तर में टीशर्ट या फिर कुर्ता-पाजामा पहनने पर रोक अधिकारियों के लिए भी होना चाहिए। कई बार अधिकारी ही जींस और टीशर्ट में दफ्तर आते हैं।
रवीन्द्र त्रिपाठी, उप प्रांताध्यक्ष कर्मचारी कांग्रेस
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