ग्वालियर
प्रदेश के 33 लाख बिजली उपभाेक्ताअाें काे बिजली कंपनियां मीटर नहीं हाेने के कारण आकलित खपत के आधार पर बिल थमा रही हैं। प्रदेश में 47 लाख 16 हजार उपभोक्ताओं के यहां नए मीटर लगाए जाने हैं। लेकिन अभी सिर्फ 14 लाख 16 हजार उपभोक्ताओं के यहां ही मीटर लग पाए हैं।
33 लाख उपभोक्ता अभी भी सिर्फ इंतजार में हैं। इस मामले में राजधानी भाेपाल के मुकाबले ग्वालियर की स्थिति रिकाॅर्ड भले ही बेहतर हाे, लेकिन अभी शहर में 37781 उपभाेक्ता मीटर के अभाव में आकलित खपत के आधार पर बिल चुकाने पर मजबूर हैं। सवाल ये है कि जब प्रदेश सरकार 6 हजार करोड़ रुपए के बिजली बिल माफ कर सकती है ताे ईमानदार उपभोक्ताओं के यहां नए मीटर लगाने में इतनी देरी क्याें?
िबजली कंपनी के मुताबिक, ग्वालियर शहर में पिछले एक साल में 27862 उपभाेक्ताअाें के यहां नए मीटर लगाए गए हैं। लेकिन 37 हजार 781 उपभोक्ताओं के मीटर खराब हैं। इन्हें बदलना कंपनी के लिए मुश्किल हाे रहा है। कंपनी के अधिकारियाें के मुताबिक मीटराें की कमी है। कंपनी के मुख्य स्टाेर में ही महज 40 हजार मीटर हैं।
प्रदेश के 4 बड़े शहराें का मीटराें की स्थिति
शहर लगाए जाने हैं लगाए गए शेष प्रगति
भोपाल 60464 25238 35226 41.74%
ग्वालियर 65643 27862 37781 42.44%
जबलपुर 54268 16708 37560 30.79%
इंदौर 72088 30738 41350 42.64%
नोट: यह जानकारी बिजली वितरण से जुड़ी कंपनियों के रिकॉर्ड से ली गई है
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