ग्वालियर
कृषि उपज मंडीलक्ष्मीगंज लश्कर ग्वालियर में 81 हजार के गबन काे भूल बताकर मामले काे रफा-दफा किया जा रहा है। एक साल पहले व्यापारियों ने 90 हजार रुपए टैक्स के रूप में मंडी कार्यालय में जमा कराए थे लेकिन मंडी अफसरों ने मात्र नौ हजार रुपए ही बैंक में जमा कराए। ऑडिट के दौरान जब यह मामला पकड़ में आया तो अफसरों ने आनन-फानन में बिना कोई जांच कराए 81 हजार रुपए बैंक में जमा कर दिए। गड़बड़ी का ये मामला तो एक मात्र उदाहरण है यदि संस्था की किसी एजेंसी के माध्यम से जांच कराई जाए तो करोड़ों रुपए का हेरफेर सामने आ सकता है।
बैंक की गलती है
 यह बात सही है कि दो चेक का मामला पकड़ में आया है, लेकिन उसमें हमारी नहीं बैंक की गलती थी कि उन्होंने हमारे खाते में पैसा जमा नहीं कराया। व्यापारियों से हमने पैसा जमा करा लिया है। गजेंद्र सिंह तोमर, सचिव, कृषि उपज मंडी ग्वालियर
हमें करें शिकायत
 बैंक में एक चेक जमा होने की तीन जगह एंट्री होती है, ऐसे में गलती की कोई गंुजाइश ही नहीं रह जाती। यदि मंडी अफसरों हमारी गलती लगती है तो वे बैंक में आवेदन दें। हम मामले की जांच करा लेंेंगे। प्रदीप दीक्षित, ब्रांच मैनेजर एसबीआई, लक्ष्मीगंज मंडी
सख्त कार्रवाई की जाएगी
 ये गंभीर लापरवाही है। आपके माध्यम से ये मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस मामले की मैं जांच कराऊंगा। इस मामले में जो भी अिधकारी- कर्मचारी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फैज अहमद किदवई, एमडी, मंडी बोर्ड
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