ग्वालियर-दतिया जिले में खाद के संकट के बीच कृषि उपसंचालक आरपी गोयल के अचानक छुट्टी पर चले जाने से चर्चाएं तेज हो गई हैं। उपसंचालक ने अपने छुट्टी के आवेदन में लिखा है कि वर्तमान परिस्थितियों में जिले में काम करने में वे असमर्थ हैं।
इसलिए अगले 55 दिन तक वे छुट्टी पर रहेंगे। इस संबंध में जब उपसंचालक गोयल सेने पूछा तो उन्होंने कहा कि यह परिस्थितियां कलेक्टर ने ही क्रिएट की हैं।
उपसंचालक द्वारा छुट्टी का आवेदन देने के कुछ ही देर बाद उनका आवेदन न केवल स्वीकार हो गया बल्कि उपसंचालक का प्रभार भी सहायक संचालक आरएन शर्मा को दे दिया गया। इधर, इस संबंध में कलेक्टर आरपीएस जादौन का कहना है कि उपसंचालक गाेयल ने अपने छुट्टी के आवेदन में जो लिखा है, वह स्पष्ट ही नहीं है कि किन परिस्थितियों में वे यहां काम करने में असमर्थ हैं।
जिले में इन दिनों यूरिया की किल्लत है। किसान यूरिया के लिए परेशान हो रहा है। प्राइवेट दुकानों में भी यूरिया नहीं है। दलालों के यहां से यूरिया शुक्रवार को ही पकड़ा गया। इस सबके बीच उपसंचालक गोयल शनिवार को 5 जनवरी से 28 फरवरी तक कुल 55 दिन के अवकाश का आवेदन देकर गायब हो गए और अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। एक राजपत्रित अधिकारी ने अवकाश आवेदन में जो कारण लिखा, वे दतिया जिले में चर्चा का विषय बन गया है।
कृषि उपसंचालक गोयल के अवकाश आवेदन पर आनन-फानन में शासन ने उनका प्रभार सहायक संचालक को सौंपा
कारणों पर माथापच्ची; 10 दिन पहले ही कलेक्टर ने चार्ज लिया अवकाश पर जाना किसी अधिकारी के लिए एक स्वभाविक प्रक्रिया है। लेकिन अचानक इस प्रकार दतिया जिले की वर्तमान स्थितियों के कारण अवकाश पर जाना सवाल खड़े करता है।
जिला स्तर के एक अधिकारी को कौन-कौन सी परिस्थितियां प्रभावित कर सकती हैं। अगर इस संबंध में विचार किया जाए तो सबसे पहला कारण प्रशासनिक और दूसरा राजनीतिक माना जा सकता है। प्रशासनिक कारण की बात की जाए तो कलेक्टर को चार्ज लिए महज 10 दिन ही हुए हैं।
वहीं राजनीतिक कारणों पर गौर किया जाए तो सरकार को बने हुए भी केवल 20 दिन हुए। यानि अचानक हुए यह दोनों परिवर्तन परिस्थितियों की तरफ इशारा करते हैं। दूसरी ओर खाद की कमी के चलते जनआक्रोश को संभालने में असफलता भी एक कारण हो सकती है।
इस सबके बीच एक कारण सूत्रों के हवाले से सामने आया है, जिसके अनुसार उपसंचालक गोयल पर अरुण एण्ड कंपनी नाम की किसी फर्म के पास हाल ही में आई यूरिया की सप्लाई में गड़बड़ी करवाने का आरोप है और इसकी जांच भी शुरू हो गई है।
मौजूदा हालात में जिले में काम करना मुश्किल : उपसंचालक
मैंने अवकाश आवेदन में लिखा कि वर्तमान परिस्थितियों में जिले में काम करना मुश्किल हो रहा है। जाहिर सी बात है कलेक्टर साहब ऐसी परिस्थितियां क्रिएट कर रहे हैं। मैंने तो अवकाश आवेदन टीएल ग्रुप पर डाला और इतनी जल्दी मेरा अवकाश भी मंजूर हो गया और दूसरे को चार्ज भी सौंप दिया गया। -आरपी गोयल, उप संचालक, कृषि
कलेक्टर बोले- मैं खुद नहीं समझ पा रहा हूं, ऐसी क्या परिस्थितियां हैं
मैं खुद नहीं समझ पा रहा हूं कि उपसंचालक गोयल किन परिस्थितियों में कार्य करने में असमर्थ हैं। उन्हें यह आवेदन में स्पष्ट लिखना था और मोबाइल भी चालू रखना था, ताकि उनसे बात हो पाती। उपसंचालक का आवेदन पत्र प्राप्त होने के चंद घंटे के अंदर राज्य शासन ने मामले को संज्ञान में लिया और सहायक संचालक आरएन शर्मा को प्रभारी उपसंचालक बनाया। -आरपीएस जादौन, कलेक्टर, दतिया
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