ग्वालियर- हाईकोर्ट जज के नाम पर 50 हजार रुपए मांगे जाने के आरोपों को अभिभाषक अवधेश भदौरिया ने पूरी तरह निराधार बताया है। वे इस मामले में अब आरोप लगाने वाले के खिलाफ 1 करोड़ का मानहानि का दावा करेंगे।
मीडिया से चर्चा में अवधेश भदौरिया ने कहा कि हकीकत यह है कि उन्होंने अपने क्लाइंट राजेश भदौरिया का केस लड़ा। जमानत होने के बाद भी उसके भाई ने उनकी फीस नहीं दी। इस पर उन्होंने आदेश की सर्टिफाइड कॉपी न दिए जाने का आग्रह भी किया था। अभिभाषक की फीस से बचने आरोपी राजेश भदौरिया के भाई विनय भदौरिया ने उन पर जज के नाम से 50 हजार मांगने का आरोप लगा दिया। इससे पहले भी वह इस तरह की ठगी का शिकार हो चुके हैं। हकीकत यह है कि कई मामलों में हो यह रहा है कि क्लाइंट जमानत के बाद फीस देने से मुकर जाता है। व्यवस्था यह है कि जमानत पर फैसला होने के बाद कोई भी निर्णय की सत्यप्रतिलिपि ले सकता है। इस मामले में भी यही हुआ है। वह ठगी का शिकार हुए और आरोप भी उन पर लगे है। वह आरोप लगाने वाले विनय भदौरिया पर एक करोड़ की मान हानि का दावा व प्रकरण दर्ज कराए जाने की प्रक्रिया करेंगे। मीडिया से चर्चा के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद भारद्वाज, अभिभाषक एमपीएस रघुवंशी, मास्टर ऑफ लायब्रेरियन रोहित गुप्ता उपस्थित रहे। विदित है कि हाईकोर्ट जज के नाम पर 50 हजार रुपए मांगे जाने के लिखित आरोपों को कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए अभिभाषक को आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया था।
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