ग्वालियर –
सारे देश में व्यापारी गुड्स एंड सर्विस टैक्स का सालाना रिटर्न नहीं भर पा रहे हैं। विभाग ने सालाना रिटर्न के लिए जो जानकारी व्यापारियों से मांगी है, उसमें 2 दर्जन से अधिक ऐसी जानकारियां हैं जिनकी जानकारी व्यापारियों के पास नहीं है। मासिक रिटर्न में जो जानकारी दी जा चुकी है, उसी को फिर से घुमा फिरा कर और अलग-अलग तरीके से जो जानकारी मांगी जा रही है, वह व्यापारी भर ही नहीं पा रहे हैं। जिसके कारण 5 करोड़ से अधिक के टर्नओवर वाले व्यापारी काफी परेशान है।
कंपोजीशन स्कीम से जुड़ने वाले व्यापारियों के लिए सालाना रिटर्न जमा करने की अनिवार्यता है। समय पर रिटर्न नहीं भरे जाने पर 100 रुपया प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माने का प्रावधान है। कुल टर्नओवर का 0.25 फ़ीसदी विलंब शुल्क कारोबारियों को भरना पड़ सकता है। कंप्यूटर जब तक फॉर्म के सभी कालमों की जानकारी नहीं भरी जाती है, रिटर्न को स्वीकार ही नहीं करता है। जिसके कारण कारोबारियों और उनके सीए को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जीएसटी विभाग ने इसके लिए जो सॉफ्टवेयर तैयार करना था, वह अभी तक नहीं हुआ है। जिसके कारण कारोबारियों से सालाना रिटर्न में कंपोजीशन की जानकारी मांगी जा रही है, जो उनके स्तर पर देना संभव नहीं है। जिसके कारण व्यापारी, व्यापारी संगठन और टैक्स सलाहकार काफी परेशान है।
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