ग्वालियर-श्योपुरजिला कोर्ट के प्रथम अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश आरके शर्मा ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 12 साल सश्रम जेल की सजा सुनाई और 10 हजार रुपए का जुर्माना भी किया। प्रकरण कोर्ट में लंबित होने के दौरान आरोपी ने दुष्कर्म पीड़िता के साथ शादी कर ली, लिहाजा अब वह उसका पति भी हो गया है। इसलिए उसने कोर्ट से रियायत भी मांगी, लेकिन कोर्ट से राहत नहीं मिली। मामले में शासन पक्ष की ओर से पैरवी लोक अभियोजक एमडी सोनी ने की।
लोक अभियोजक एमडी सोनी ने बताया कि ईदगाह के पास हुसैनपुरा निवासी अशरफ खां ने किशोरी के साथ शादी का झांसा देकर मोरडूंगरी के पुल के नीचे दुष्कर्म किया। उसने 10 अक्टूबर 2017 और उसके बाद कई बार दुष्कर्म किया। आरोपी अशरफ पीड़िता के मामा का साला था। वह रोज घर आता-जाता था, इसी दौरान उसने पीड़िता को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म कर दिया। इसके अलावा कई बार उससे शारीरिक संबंध बनाए। इस बीच नाबालिग गर्भवती हो गई।
जब यह बात पीड़िता ने आरोपी को बताई तो उसने उसे गर्भ गिराने की सलाह दे दी। इसके बाद नाबालिग ने अपने परिजनों को यह बात बताई। पीड़िता की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज की गई और चालान न्यायाधीश आरके शर्मा की अदालत में पेश किया गया। जिसमें एक साल चली सुनवाई के दौरान ही आरोपी ने पीड़िता से शादी भी कर ली और इसी का तर्क देते हुए उनके वकील ने सजा में नरमी बरते जाने की बात भी कहीं। न्यायालय ने मामले में आरोपी को दुष्कर्म व बालकों से संरक्षण अधिनियम के तहत 12 साल की जेल की सजा सुनाई, जबकि 10 हजार रुपए का जुर्माना भी किया
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