
सिंगरौली जिले के ग्राम जट्ठा टोला एवं खनुआ निवासी भीम सेन शर्मा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने पर आवेदक के ऊपर हुए जानलेवा हमले किया गया जहा पर अधिकारियों की लापरवाही के भी शिकायत की है। आवेदक ने बताया कि भीम सेन शर्मा ने जमगढ़ी में 42 बोरी (कुल 15.96 क्विंटल) धान विक्रय किया था। लेकिन जब उन्होंने धान विक्री केंद्र पर हो रही अनियमितताओं पर आवाज़ उठाई—जैसे कि प्रति बोरी 2 रुपए सिलाई, 3 रुपए ढुलाई और 10 रुपए खाली बोरी का अवैध वसूली की जा रही थी तो इसी बात पर उनके ऊपर शिवसागर एवं उनके पिता अवधेश वैश्य ने जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना की लिखित शिकायत भी की गई थी। परंतु शिकायत के जवाब में संबंधित अधिकारी द्वारा यह लिख दिया गया कि “शिकायतकर्ता किसान ही नहीं है”, जो कि झूठा और गुमराह करने वाला आरोप है। भीम सेन ने अपनी धान विक्री की रसीद भी प्रमाण स्वरूप संलग्न की है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि शिकायत को दबाने के उद्देश्य से शाखा प्रबंधक पी.के. मिश्रा ने जानबूझकर गलत प्रतिवेदन तैयार किया और शिकायत को बंद करा दिया। इतना ही नहीं, जिन कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की माँग की गई थी, उन्हें नहीं हटाया गया, बल्कि अब भी उन्हें खाद्यान्न वितरण की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। भीम सेन शर्मा ने यह भी बताया कि उक्त शाखा प्रबंधक वर्ष 1995 से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं, जिससे वहाँ भ्रष्टाचार की जड़ें गहराई तक जम चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने मिलीभगत कर दूसरे स्थान से धान मंगवाकर फर्जी रजिस्ट्रेशन के जरिए हजारों बोरियों की अवैध बिक्री की है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और प्रधानमंत्री हेल्पलाइन में की गई शिकायतों को बिना उचित समाधान के बंद करने पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने माँग की है कि सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर दूध का दूध और पानी का पानी किया जाए, दोषी अधिकारियों को निलंबित कर निष्पक्ष जाँच कराई जाए और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
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