
बढ़ता कारवा (मध्य प्रदेश) राजकुमार सिंह आरपी सोनी :- सिंगरौली जिला आदिवासी बाहूल्य राज्य मंत्री विधानसभा क्षेत्र जनपद पंचायत चितरंगी मे पदस्थ भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 120 बी का आरोपी हरिश्चंद्र द्विवेदी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के प्रति गंभीर आरोप लगने के बावजूद भी सरकार की छत्रछाया होने के कारण द्विवेदी जनपद खजाने में बैठे पूरे क्षेत्र के पंचायतों में गुंडई पूर्वक भ्रष्टाचार करा रहें हैं हरिश्चंद्र द्विवेदी के प्रति लगातार गंभीर आरोप लगने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है जबकि बीते दिन आदिवासी महिला जबरन

शारीरिक संबंध बनाने का गंभीर आरोप लगाई थी, द्विवेदी के प्रति आरोप का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है अब बीते दिन 1 जून 2024 को आदिवासी रोजगार सहायक द्वारा द्विवेदी के प्रति गंभीर आरोप लगाते हुए मोरवा थाना में लिखित रिपोर्ट किया गया है। खबर के साथ लगे फोटो सहित सोशल मीडिया में वायरल ऑर्डियो आधार पर आप बिल्कुल सही पढ़ रहे हैं कि भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420,120 बी, का आरोपी हरिश्चंद्र द्विवेदी मुख्य कार्यपालन अधिकारी चितरंगी को भ्रष्ट गालीबाज अधिकारी कहना गलत नहीं होगा। राज्य मंत्री के विधानसभा क्षेत्र चितरंगी में लगातार आदिवासियों के साथ घट रहे घटना आरोप को देखते हुए लोग कहते हैं कि आदिकाल से दबे कुचले शोषित अपमानित आदिवासी समाज के बीच प्रदेश का किस मंत्री का पद हो कि आदिवासियों का सम्मान प्रतिष्ठा सुरक्षित रहे और वे अपना जीवन सुरक्षित सम्मान से जी सकें।

बीते दिन आदिवासी अनिल सिंह गोंड रोजगार सहायक अजगुढ़ द्वारा उक्त द्विवेदी के प्रति गंभीर आरोप लगाते हुए मोरवा थाना में लिखित रिपोर्ट दिया गया है जिस लिखित रिपोर्ट में रोजगार सहायक लिखें है कि वर्तमान में ग्राम पंचायत अजगुढ़ में पानी का संकट होने के कारण पानी पूर्ति हेतु मेरे द्वारा लिखित सूचना पीएचई विभाग सहित जनपद पंचायत चितरंगी में दिया गया था पानी के समस्या का समाधान ना होने के कारण मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरिश्चंद्र द्विवेदी द्वारा दिनांक 29 मई 2024 मोबाइल में फोन कर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली गलौज करना शुरू कर दिए बोले कि बेशर्म कुकुर-बिलार सब यहीं पैदा हो जाते हैं ज्यादा बोलोगे तो आऊंगा गाड़ी लेकर जेल में बंद करा दूंगा, इसके पहले भी कई बार नीच-गवार गोड़वा आदिवासी इत्यादि आपशब्दों का प्रयोग सीईओ आए दिन करते रहते हैं एवं जातिवाद से प्रेरित होकर मानसिक प्रताड़ित करते रहते हैं इतना ही नहीं मोरवा थाना प्रभारी को दिए गए लिखित रिपोर्ट में यह भी लिखा है मैं आदिवासी अल्प वेतन भोगी संविदा कर्मचारी हूं जो कि मुझे 18000 रुपए महीना वेतन मिलता है हरिश्चंद्र द्विवेदी द्वारा मेरी नौकरी खत्म करने की धमकी देते हुए डराधमका कर हर महीना पांच हजार की वसूली किया गया हैं। हरिश्चंद्र द्विवेदी मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा अपमानित करने एवं गाली-गलौज करने से मानसिक रूप से परेशान हूं तथा मेरा परिवार बहुत डरा-सहमा है जिसके कारण मुझे मेरे परिवार को सुरक्षा प्रदान करते हुए STSC एक्ट की तहत प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग की गई है। जिस मामले को गंभीरता से लेते हुए मोरवा थाना प्रभारी द्वारा जांच जारी हो गया है अब देखना यह होगा कि हरिश्चंद्र द्विवेदी के प्रति कार्यवाही होती है या नहीं।
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