
बढ़ता कारवाँ (मध्य प्रदेश) सिंगरौली राजकुमार सिंह आरपी सोनी:- बीते दिन अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा ट्रस्ट के चितरंगी सदस्य पदाधिकारी सामुदायिक भवन में 17 सितंबर 2023 को भगवान विश्वकर्मा जी का “पंडित रामजियामन विश्वकर्मा” द्वारा मंत्र उच्चारण कर विधि विधान से

भगवान विश्वकर्मा का पूजन बैजनाथ विश्वकर्मा पूर्व ब्लाक अध्यक्ष से संपन्न कराया गया , जिसके पश्चात दूर-दूर से आ एकत्रित कई सैकड़ा विश्वकर्मा समाज “रामप्रकाश विश्वकर्मा जिला उपाध्यक्ष ” के मार्गदर्शन एवं विजय कुमार विश्वकर्मा ब्लॉक अध्यक्ष के नेतृत्व में सामुदायिक भवन अस्पताल चौराहा से एसडीएम कार्यालय तक पुलिस सुरक्षा के साथ शोभा यात्रा रैली

दौरान विश्वकर्मा भगवान की जयकारा के साथ मग पूर्ति हेतु नारेबाजी करते हुए पांच सूत्री माग पत्र दिन रविवार को प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री के नाम द्वारा उपखंड अधिकारी प्रतिनिधि रामलाल पनिका तहसीलदार के हांथ ज्ञापन सौपा गया_

_जिस माग पत्र में 1- 17 सितंबर विश्वकर्मा पूजन दिवस को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए, 2-वंश परंपरागत कारीगरों के वंश परंपरा कार्यों या उद्योग-धंधों का लाइसेंस की बाध्यता समाप्त की जाए, 3-धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विश्वकर्मा समाज के अंतर्गत आने वाली पांच प्रमुख जातियां जैसे मनु (लोहकार), मय (काष्ठकर), त्वष्टा (ताम्रकार), शिल्पी (शिल्पकार), दैवज्ञ (स्वर्णकार) को एक कर सीधा विश्वकर्मा लिखा जाए, 4- विश्वकर्मा समाज के अंतर गत आने वाली पांचो प्रमुख जातियों की देश की आबादी लगभग 10%की हिस्सेदारी है जिसके अनुसार शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल-कारखानों एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में 10% आरक्षण दिया जाए, 5-चितरंगी तहसील मुख्यालय में भगवान विश्वकर्मा मंदिर एवं धर्मशाला हेतु भूमि आवंटित किया जाए, जिन मांगों को गंभीरता से सुनते हुए प्रतिनिधि द्वारा आश्वासन दिया गया कि ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा जहां से मांग पूर्ति की जाएगी,
वहीं “अशोक सिंह पैगाम” जिला पंचायत सदस्य विश्वकर्मा समाज को संबोधित करते हुए बोले आप लोगों का माग जायज है हम आपके साथ हैं, जहां टीकमचंद विश्वकर्मा ब्लॉक सचिव, राजधानी विश्वकर्मा कोषाध्यक्ष, इमरत विश्वकर्मा पूर्व ब्लॉक सचिन, ऋषीश्वर सोनी, लक्ष्मी शंकर सोनी, अनिल विश्वकर्मा, तौलन, पुष्पराज, रामचंद्र, बसंत, शिव कुमार, राममिलन, गुड्डू, शिवधनी, चंद्रशेखर, रामपति, संदीप, अशोक, रबी, घनश्याम, वनस्पति, मोहन, मंजूदेवी, अर्चना, तारादेवी, फुल्केसा, सत्यवती, श्रीमती, प्रेमवती, श्यामवती, राजकुमारी, अमरावती, प्रेमा, रीना, सहित कई सैकड़ा विश्वकर्मा समाज सहित अन्य महिला पुरुष बच्चे मौजूद थे जिन्होंने महाप्रसाद ग्रहण किये, इसके बाद कई दर्जन लोग मिल रात्रि जागरण दौरान रात भर धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिए।
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