
बढ़ता कारवां/सिंगरौली, (जमुना सोनी) बैढ़न वही लोग कहते कि तमाम प्रयासों के बावजूद पुलिस विभाग में फैला भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

वही लोकायुक्त पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाहियां की जाती हैं और कई पुलिस कर्मियों को ट्रैप किया जाता है इसके बावजूद कुछ पुलिसकर्मी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं और आज मंगलवार को सिंगरौली जिले में एक बार फिर लोकायुक्त पुलिस ने पहुंचकर एक कांस्टेबल व उसके सहयोगी एक अन्य कान्स्टेबल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
रीवा लोकायुक्त पुलिस ने आज बड़ी कार्यवाही करते हुयें सिंगरौली जिले के गढ़वा थाना क्षेत्र नौडिहवा पुलिस चौकी में पदस्थ दो आरक्षकों को 10000 रूपये रिश्वत लेते हुयें रंगे हाथों गिरफ्तार किया है ।
वही मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता आजाद प्रसाद निवासी तमाई जिला सिंगरौली ने रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज करायी थी कि गांव की एक महिला द्वारा की गयी कि रिपोर्ट पर एफआईआर न दर्ज करने के एवज में एक लाख रूपये की रिश्ववत मांगी गय थी। पीड़ित के निवेदन पर सौदा तीस हजार रूपये में तय हुआ था।
जिसमें शिकायतकर्ता से 24 जून 2023 को 10000 ले लिए गए थे और रिश्वत की दूसरी किस्त 10000 लेते हुए प्रधान आरक्षक अनूप यादव को पुलिस चौकी नौडिहवा से रंगे हाथों लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा है इस कार्यवाही में आरक्षक संजीत यादव की संलिप्तता पाए जाने पर भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है आगे की कार्यवाही जारी है।
वही थक-हारकार पीड़ित ने की थी लोकायुक्त रीवा में शिकायत
मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित आजाद प्रसाद निवासी ग्राम तमाई जिला सिंगरौली का है और मजदूरी करकर अपने घर परिवार का भरण पोषण करता है जो पिछले दिनों एक महिला ने उसके खिलाफ शिकायत की तो आरक्षकों ने एफ आई आर में नाम न लिखने के बाद में रिश्वत मांगी थी और वही बताया जा रहा है कि दोनों आरक्षक साथ में मिलकर शिकायतकर्ता आजाद प्रसाद पर दबाव बना रहे थे और रिश्वत देने के लिए मजबूर कर रहे थे और जिसके बाद पीड़ित ने दोनों आरक्षकों की शिकायत रीवा लोकायुक्त पुलिस चौकी शिकायत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया और वही लोकायुक्त टीम के कहे मुताबिक पीड़ित ने आरक्षकों से रिश्वत देने की बात कही जहां आरक्षकों ने पुलिस चौकी नौडिहवा थाना गढ़वा में आने को कहा और वही आजाद प्रसाद ने जैसे ही रिश्वत की रकम 10 हजार रुपयें आरक्षकों को दी और पहले से घात लगायें और बैठी लोकायुक्त पुलिस ने आरक्षक अनूप यादव को 10000 रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वतखोर आरक्षक अनूप यादव को गिरफ्तार करते हुए जब हाथ धुलवाए तो उसके हाथ गुलाबी हो गये ।
लोकायुक्त उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि आरक्षक अनूप यादव, संजीत यादव हैं और दोनों आरक्षक गढ़वा थाने में आरक्षक पद पर पदस्थ हैं जिन्हें रिश्वत लेते पकड़ा गया है और फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज करते हुए कार्यवाही शुरू कर दी है और वही रिश्वतखोरी के इस मामले को ट्रेपकर्ता अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार, ट्रेप दल के सदस्य निरिक्षक प्रमेंद्र कुमार सहित 12 सदस्यीय दल ने की हैं ।
www.badhtakarwan.com
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal