
बढ़ता कारवाँ/सिंगरौली (राजकुमार सिंह – जमुना सोनी) बैढन म.प्र.की शिवराज सरकार लगातार दावे कर रही है कि किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी जायेगी ।

वही खाद वितरण केन्द्रों में खाद की कमी नहीं परन्तु सिंगरौली जिला मुख्यालय बैढन मेेंं देखने को मिल रहा है जो पिछले कुछ दिनों से खाद का वितरण किया जा रहा है जहां पर किसानों को सुबह से लेकर शाम तक भारी भीड़ देखी जा रही है और वही वृद्ध किसान, महिलाये, छात्राये शासकीय कर्मचारी तक सुबह से लेकर शाम तक खाद वितरण केन्द्र में लाईन में लगे देखे जा सकते हैं और वही अव्यवस्था का कारण जो भी हो परन्तु इसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है जो दूर – दराज से आये किसान पूरे दिन लाईन में लगे रहते हैं अंत में थक – हारकर अपने घर को वापस होने को मजबूर हो जाते हैं ।

*एक किसान को मिल रही मात्र एक – एक बोरी डीएपी – यूरिया खाद*
मिली जानकारी के अनुसार खाद वितरण केन्द्र में उमड़ी भीड़ के पीछे का कारण यह है कि यहां पर एक किसान को एक – एक ही बोरी डीएपी – यूरिया खाद प्रदान की जा रही है और वही दावे तो किये जा रहे हैं कि खाद वितरण केन्द्रों में खाद की कोई कमी नहीं है परन्तु हकीकत यह है कि यहां एक किसान को एक दिन में एक – एक ही बोरी खाद प्रदान की जा रही है और इसका खामियाजा यह हुआ कि जिस किसान को 10 बोरी खाद की जरूरत है वह लगातार 10 दिन तक लाईन लगेगा या अपने परिवार के हर सदस्य को खाद वितरण केन्द्र में लाकर लाईन में खड़ा करेगा तब जाकर उसकी जरूरत के हिसाब से खाद मिल पायेगा और यह भी कहा जा रहा है कि उक्त खाद वितरण केन्द्र में अंगुठा लगाने के लिये एक ही मशीन रखी हुयी है जिस कारण एक दिन में 3 सौ से 350 लोगों को ही खाद का वितरण हो पा रहा है ।
*महंगे दामों में खाद खरीदने को मजबूर हैं किसान*
खाद वितरण केन्द्र में लगी भारी भीड़ को देखकर जो किसान पहले ही अपने शस्त्र डाल देता है उसका फायदा प्राइवेट खाद के विक्रेता उठाते हैं और वही प्राइवेट खाद के विक्रेता उसी खाद को महंगे दामों में बेचते हैं और महंगाई की मार से जूझ रहे किसानों को एक और झटका खाद खरीदी में लगता है ।
*जिले में संचालित हैं 39 समितियां*
मिली जानकारी के अनुसार जिले में खाद वितरण के लिये 39 समितियां संचालित हैं जहां पर खाद का वितरण होता है परन्तु जिला मुख्यालय पहुंचे किसानों का कहना है कि इन समितियों में खाद का आभाव है इसलिये उन्हें कई किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय पहुंचकर खाद लेना पड़ता है ।
*खाद वितरण केन्द्र में शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था नहीं*
*जिला मुख्यालय में संचालित खाद वितरण केन्द्र में किसान सुबह से लेकर शाम तक लाईन में लगे रहते हैं परन्तु उक्त खाद वितरण केन्द्र में न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही शौचालय की व्यवस्था है और वही कई बार भीड़ बेकाबू हो जाती है इससे निपटने के लिए यहां नियमानुसार पुलिस की तैनाती होनी चाहिये परन्तु यहां न तो कोई पुलिस विभाग का कर्मचारी रहता है और न ही किसी गार्ड की तैनाती रहती है और इसका नतीजा यह होता है कि खाद वितरण केन्द्र में आये दिन मारपीट की नौबत आ जाती है और जमकर नोंक झोंक होती रहती है ।*
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