बढ़ता कारवाँ/सिंगरौली (राजकुमार सिंह – जमुना सोनी) बैढन जिले के विन्ध्यनगर क्षेत्र में स्थित हर्रई आवासीय कालोनी के पास प्रवाहित हो रहा प्राकृतिक सौरा नाला का अस्तित्व खतरे में है और वही प्राकृतिक रूप से वर्षों से प्रवाहित हो रहे सौरा नाला की जल संग्रहण क्षमता भी कम हो गयी है और जगह-जगह अतिक्रमण का शिकार होने के कारण जगह – जगह से संकरा भी हो गया है और वही नगर निगम प्रशासन के प्रशासनिक अनदेखी के चलते वर्षों से हरित क्षेत्र घोषित सौरा नाला के साथ मजाक किया जा रहा है ।

गौरतलब है कि सौरा नाला के आस-पास तकरीबन आधा दर्जन अतिक्रमण लोगों द्वारा कर लिया गया है और इतना ही नहीं नगर निगम प्रशासन ने वर्षों पहले हरित क्षेत्र घोषित सौरा नाला नियोजित क्षेत्र की भूमि की प्लाटिंग करके बेंचने का काम किया गया है जोकि नियम विरूद्ध है क्योंकि हरित क्षेत्र घोषित नियोजित भूमि के उपयोग में परिवर्तन नहीं किया जा सकता, नियोजित भूमि से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती ।
वही बताते चलें कि नगर निगम ने अभी हाल में ही जल प्रवाह क्षेत्र का हवाला देकर नगर निगम वार्ड क्र. 40 में डीएवी रोड के पास लगभग 50 से 60 लोगों को नोटिस दी गयी है और नोटिस में कहा गया है कि उनका मकान जल प्रवाह क्षेत्र के अंतर्गत निर्मित किया गया है अत: 3 दिनों के अंदर अपना अतिक्रमण हटाकर जवाब प्रस्तुत करें और एक तरफ नगर निगम प्रशासन जल प्रवाह क्षेत्र का हवाला देकर नोटिस थमा दिया गया है तो दूसरी तरफ जल प्रवाह की जमीन पर अतिक्रमण को मौन स्वीकृति दे रहा है ।
वही सन 1987 में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा आवासीय योजनाये बनायी गयी जिसके तहत हर्रई आवासीय योजना विन्ध्यनगर, गनियारी आवासीय योजना बैढ़न, मोरवा आवासीय येाजना का निर्माण किया गया और यह तीनों आवासीय योजनाओं में आवासीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिये एमआईजी, एलआईजी, एचआईजी कालोनियों का निर्माण करवाया गया, शापिंग काम्पलेक्स, पार्क बनवाये गये एवं खुली भूमि हरित क्षेत्र को भी चिन्हित करके घोषणा की गयी और सन 1985 से लेकर नगर निगम बनने तक साडा प्रशासन ने व्यवसायिक निर्माण तो किये उन्हें बेचा भी लेकिन आवासीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिये सामुदायिक भवन, पार्क, विद्यालय का निर्माण आज तक नहीं करवाया गया ।
सूत्र बताते हैं कि अधिशासी अभियंता रिहंद बांध सिविल खण्ड पिपरी, सोनभद्र द्वारा 24/08/2017 को पत्र लिखा गया जिसमें कहा गया कि जिला प्रशासन सौरा नाले के प्राकृतिक स्वरूप के साथ हो रहे छेड़छाड़ को तत्काल रोकने की कृपा करें क्योंकि सौरा नाला रिहंद जलाशय के कैचमेंट एरिया में आता है और यदि समय रहते कार्यवाही नहीं की गयी तो भविष्य में रिहंद जलाशय के जल स्तर पर असर पड़ने की संभावना बनी रहेगी और वही 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन ने उक्त पत्र को गंभीरता से नहीं लिया ।
*उल्लेख है कि विन्ध्यनगर क्षेत्र के हर्रई आवासीय कालोनी में नवजीवन रहवासी कल्याण समिति द्वारा अनेक सराहनीय कार्य किये गये हैं जोकि जनहितकारी थे और समिति के सचिव एसडी गर्ग ने बताया कि अब तक तकरीबन बीस लाख रूपये की जनभागीदारी करते हुये समिति द्वारा कालोनी क्षेत्र में हरियाली, साफ – सफाई व सुन्दरता का नजारा दिख रहा है और वही समिति ने 3 पार्क, बगान बनवाये और नये सामुदायिक भवन के निर्माण में भी अहम भूमिका निभायी है ।
वही सौरा नाला के किनारे हरित क्षेत्र में प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण कार्य को रुकवाने की मांग की है ताकि हर हरित क्षेत्र व सौरानाला अतिक्रमण से मुक्त हो ।
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