बढता कारवाँ/सिंगरौली/मोरवा पुस्तकें ज्ञान का भंडार होती है और ए हमें महान महापुरुषों की सोच और विचार से अवगत कराती है और किताबों से ज्ञान अर्जित कर हम कला, विज्ञान, मनोविज्ञान, वाणिज्य, इंजीनियर, औद्योगिक एवं प्रौद्योगिक, साहित्य, मेडिकल सहित सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करते हैं और यदि हम इन किताबों का उपयोग सही ढंग से करें तो यह हमें कभी असफल नहीं होने देगी और इसी कारण वश मोरवा अनुविभागीय अधिकारी एवं थाना प्रभारी निरीक्षक द्वारा थाना परिसर में एक पुस्तकालय का निर्माण कराया गया ।

वही आज जिला कलेक्टर राजीव रंजन मीणा एवं जिला पुलिस अधीक्षक बीरेन्द्र कुमार सिंह ने नवनिर्माण बने पुस्तकालय का फीता काटकर शुभारंभ किया और वही कलेक्टर श्री मीणा ने कहा कि समाज के लोगों को पुलिस से जोड़ने की यह एक अभिनव पहल है और उन्होंने बताया कि अध्ययन करने का कोई समय नहीं होता है और कई बार मध्यम वर्गीय लोगों को घर में वह माहौल नहीं मिल पाता कि वह कभी भी घर पर अध्ययन कर पाये और इसी को ध्यान में रखते हुये जिला प्रशासन द्वारा जिले के करीब 180 हायर सेकेंडरी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनाने का लक्ष्य रखा है । जिनमें से करीब 100 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास शुरु हो गयी है और जिसका एक कंट्रोल रूम बैढ़न में स्थापित किया गया है।

वहीं शुभारंभ करने दौरान एसपी श्री बीरेंद्र सिंह ने मोरवा एसडीओपी राजीव पाठक एवं थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष त्रिपाठी के इस अभिनव पहल की प्रशंसा करते हुये कहा कि “इंसान का सबसे अच्छा दोस्त पुस्तक होती है” यह ज्ञान का वह भंडार है जिसका कोई अंत नहीं और उन्होंने बताया कि सुविधाओं के अभाव में अगर कोई पढ़ नहीं पाता उसका ज्ञान पढ़े-लिखे बालक से कम रहता है और इस प्रकार थाना में पुस्तकालय से हर किसी को ज्ञान अर्जित करने का मौका मिलेगा और साथ ही लोग सीधे पुलिस से आत्मीय लगाव से जुड़ सकेंगे ।
इस दौरान एसडीओपी मोरवा राजीव पाठक ने बताया कि पुलिस हमेशा तनाव में रहती है और सभी के बीच पढ़ने पढ़ाने का चलन धीरे-धीरे कम होता जा रहा है और लोग अब फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से अच्छे के साथ बुरा ज्ञान भी अर्जित कर रहे हैं और इस कारण पुस्तकालय का निर्माण कराया गया ताकि हम लोग बैठकर ज्ञान अर्जित कर सके और अच्छे लोगों से जुड़ने का अवसर प्राप्त होता रहे और उन्होंने बताया कि इस पुस्तकालय में समाजसेवियों व अन्य लोगो के सहयोग से 1000 से अधिक पुस्तकें इकट्ठे की गयी है जिसमें हिंदी साहित्य, अंग्रेजी साहित्य, ड्रामा, फिक्शनल, बाल साहित्य, जीवनी, आत्मकथा इत्यादि सभी प्रकार की पुस्तकों का समावेश है और इस दौरान उन्होंने “यदि जीना हो कोई और जिंदगी तो पढ़ो एक किताब” नामक कविता से पुस्तक के महत्व को समझाया ।
उक्त पुस्तकालय के शुभारंभ के अवसर पर मोरवा निरीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि सामाजिक पुलिसिंग के तहत और पुलिस अधीक्षक से प्रेरित होकर इस पुस्तकालय का निर्माण कराया गया है और उन्होंने बताया कि हमारी सोच है कि अच्छे आदमी पुलिस से किसी भी बहाने से जुड़े और भले ही वह बहाना पुस्तक ही क्यों न हो क्योंकि पुस्तकों से जुड़ा व्यक्ति हमेशा अच्छा ज्ञान अर्जित करता है और सदैव अपराध से दूर रहता है और इस पुस्तकालय के सपने को साकार करने के लिये उन्हें कई लोगों का सहयोग मिला और जिसके लिये उन्होंने टीम साहस समेत सभी सहयोगी लोगों का आभार व्यक्त किया ।
उक्त अवसर पर सीएसपी देवेश कुमार पाठक, एसडीओपी मोरवा राजीव पाठक, मोरवा थाना प्रभारी मनीष त्रिपाठी, कोतवाली बैढन टीआई अरुण कुमार पाण्डेय, नवानगर टीआई यूपी सिंह, माडा टीआई रावेन्द्र द्विवेदी, विन्ध्यनगर टीआई राघवेन्द्र द्विवेदी, इंडियन रेडक्रास के पदाधिकारी मनोज प्रताप सिंह, संजय प्रताप सिंह सहित मोरवा पुलिस बल व क्षेत्र के गणमान्य लोगो की उपस्थिति रही ।
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