ग्वालियर
गोले का मंदिर स्थित गौशाला में गायों को चारा नहीं मिलने पर गौ सेवकों ने चक्काजाम कर दिया। यहां का मामला इतना बढ़ गया की प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को खुद पहुंचना पड़ा। उन्होंने वहां के हालातों को देखा। मंत्री ने आयुक्त संदीप माकिन को निर्देश दिए कि गायों को हरा चारा हर हाल में मिलना चाहिए। उनके चारे में इसकी कमी हुई, तो एक्शन लिया जाएगा।
इसके बाद आयुक्त संदीप माकिन ने 100 क्विंटल रोज हरे चारे की व्यवस्था करने के लिए कहा। दरअसल गायों को पहले भूसे के साथ-साथ हरा चारा मिलता है। नगर निगम के अफसरों ने दो महीने से हरा चारा बंद कर दिया। इससे गायें सूखा भूसा नहीं खा पा रही थी। वे दिनों-दिन कमजोर होती गई। इनमें से कुछ गायों की मौत भी हो गई।
गौसेवकों ने निगम के अधिकारियों से बात की। उनसे कह दिया गया कि वरिष्ठ अधिकारियों ने बंद कर दिया है। इसको लेकर गौसेवक सुबह गोले का मंदिर गौशाला पर एकत्रित हो गए। उन्होंने चक्काजाम कर दिया। इस पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्हें भी वहां के हालात ठीक नजर नहीं है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को जानकारी दी।
मंत्री के सामने गायों की हालत पर रो पड़ी महिला
नगर निगम का सिस्टम गड़बड़ा हुआ है। पहले गड़बड़ियां सामने आईं। अब गौशाला का मामला सामने आया। यह मामला सीएम हाउस तक जा पहुंचा। वहां से निर्देश मिलते ही अफसर तत्काल गौशाला पहुंचे। इस बीच मंत्री प्रद्युम्न सिंह और पूर्व विधायक मुन्नालाल भी पहुंचे। वहां गौसेवकों ने पूरी व्यथा को सुनाया। यहां पर महिला गौसेवक मंत्री के सामने गायों की दशा बताते-बताते रोने लगी। उसने कहा कि आयुक्त के सामने हाथ जोड़े लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
रानीघाटी में अफसर पहुंचे जगह तलाशनें
मंत्री के बदले मूड़ को भांप कर अफसरों ने रानी घाटी के तरफ कूंच किया। यहां पर गायों के लिए स्थल की तलाश की गई। क्योंकि यहां जंगल हैं और गायों को भरपूर भोजन मिलता रहेगा। अपर आयुक्त नगर निगम नरोत्तम भार्गव अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेगे। इसके बाद आगे एक्शन लिया जाएगा।
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