ग्वालियर-कोरोना संक्रमण के चलते सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान चार लोगों की मौत हो गई,तीन मरीज ग्वालियर के तथा एक मरीज धौलपुर का हैकोरोना संक्रमण के चलते मौत का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में । ये अब तक एक दिन में सबसे ज्यादा हैं। इनमें से तीन मरीज ग्वालियर के तथा एक मरीज धौलपुर का है। मरने वालों में आशिक अली (38) निवासी जनकगंज ने 2 अगस्त को सीबी नेट में सैंपल दिया था, जो पॉजिटिव आया था। इसके बाद उन्हें सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। मरीज की गंभीर हालत थी जिसके चलते उसे वेंटीलेटर पर लिया गया। 4 अगस्त को उसका दूसरा सैंपल करा दिया गया, जो निगेटिव आया। जेएएच प्रबंधन उसे निगेटिव मान रहा है क्योंकि वायरोलॉजिकल लैब की रिपोर्ट में वह निगेटिव था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर सीबी नेट की जांच को आधार नहीं माना जा सकता तो मरीज को सीबी नेट की जांच के आधार पर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में क्यों भर्ती किया गया? इस बात का जबाव देने से जेएएच की कोविड की नोडल अधिकारी डॉ. नीलिमा सिंह ने इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वे इस बारे में बोलने के लिए अधिकृत नहीं है। इसके लिए मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. ओपी जाटव जाटव से बात करें। आशिक अली के साथ ही सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती गोले का मंदिर निवासी रामसिया (60) की भी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। रामसिया तीन अगस्त को वायरोलॉजिकल लैब की जांच में पॉजिटिव आए थे। आनंद नगर निवासी मुन्नी देवी (60) की गुरुवार को इलाज के दौरान सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मौत हो गई। मुन्नी देवी 30 जुलाई को पॉजिटिव आई थीं। वहीं धौलपुर निवासी शिवचरण (70) की भी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मौत हो गई।
26 और मरीज निकले पॉजिटिव, छह दिन में हुई 7 मौतें
गुरुवार को आई जांच में 26 लोग संक्रमित निकले हैं। इनमें वायरोलॉजिकल लैब की जांच में 12, प्राइवेट लैब की जांच में 9 तथा सीबी नेट की जांच में 5 मरीजों को कोरोना होने की पुष्टि हुई है। कोरोना से मरने वालों की संख्या 27 पहुंच गई है। अगस्त के छह दिन में अब तक कोरोना से 7 मरीजों की मौत हुई है।
कोविड मौतों का ऑडिट हो रहा है, मामले की कराऊंगा जांच- चिकित्सा शिक्षा मंत्री
गंभीर पॉजिटिव मरीज की जांच कराकर उसे निगेटिव बताकर क्या सरकार मौत के आंकड़े छिपा रही है?
सरकार कोई आंकड़े नहीं छिपा रही है। कोरोना से मरने वाले मरीजों का ऑडिट किया जा रहा है।
सीबी नेट में पॉजिटिव आए गंभीर मरीज आशिक अली का सैंपल 24 घंटे के अंदर ही वायरोलॉजिकल लैब में क्यों भेजा गया? आशिक अली के मामले की जांच मैं स्वयं कराऊंगा।
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