ग्वालियर-
जिले शहर की शासकीय जमीनों पर कब्जा करने वाले 120 से अधिक बड़े भू माफिया पर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले इन सभी को चिह्नित कर सत्यापन किया जाएगा जबकि पूर्व में जिन 56 लोगों को चिह्नित किया गया था, उन पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही गृह निर्माण समितियों के माध्यम से शहरी क्षेत्र में प्लॉट आवंटन और जमीन को खुर्दबुर्द करने के 38 मामलों में से 35 सोसायटियों पर दर्ज हुई एफआइआर को लेकर भी अपडेट लिया जाएगा। यह निर्देश कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने भू माफिया के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान दिए हैं। सोमवार को भू माफिया से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि जिन 35 गृह निर्माण समितियों पर प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए गए थे, उनमें से 15 पर प्रकरण दर्ज होने के बाद कार्रवाई ठप हो गई थी। इसके बाद लॉकडाउन के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब फिर इन फाइलों को बाहर निकाला जा रहा है और जमीनों का मास्टर माइंड जाने वाले दि ग्वालियर गृह निर्माण समिति के संचालक बलदेव भदौरिया सहित अन्य पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। गौरतलब है कि अभी तक जिन पर भी एफआइआर दर्ज हुई है, उनमें से अधिकतर को गिरफ्तार करने के मामलों में पुलिस और प्रशासन ने उदासीनता बरती है।
अभी तक की यह है स्थिति
ग्रह निर्माण समितियों के मामले में अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य को जिम्मेदारी दी गई थी।
सभी सोसायटियों की जांच करके दस्तावेज सहित पूरी जानकारी कलेक्टर को सौंपी जानी थी।
अपर कलेक्टर ने अपनी जांच पूरी करने के बाद फाइल प्रभारी अधिकारी तक पहुंचा दी थी।
– लॉकडाउन के बाद से इस पर ब्रेक लग गया और काम काज सुचारु होने के बाद भी भू माफिया के प्रकरणों पर ध्यान नहीं दिया गया।
– सोसायटियों पर हुई गड़बडिय़ों की रिपोर्ट संबंधित एसडीएम को बनानी थी, लेकिन यह अभी भी पूरी रिपोर्ट सबमिट नहीं हुई है।कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, कलेक्टर का कहना हैसरकारी जमीनों पर कब्जा करके व्यावसायिक या फिर कृषि कार्य में उपयोग करने वाले भू माफिया पर हुई कार्रवाई की समीक्षा के लिए बैठक की गई थी। बैठक के दौरान जो जानकारी अधिकारियों ने दी है, उसके हिसाब से अब लिस्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
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