ग्वालियर।
सरकार ने जीडीए के गठन से अब तक की योजनाओं और गृह निर्माण सहकारी समितियों की जानकारी मांगी है। इससे जीडीए में खलबली मची है। जमीनों के मामले में जीडीए में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़े हुए हैं। कई फाइलें गायब हैं तो कुछ में एंटी माफिया अभियान के दौरान एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। अब समस्त रिकॉर्ड का जुटाने की कवायद चल रही है।
वीरेंद्र सिंह के कार्य काल की जांच की मांग भी उठीहैं
इससे अधिकारी तनाव में हैं। इसी काम का दबाव बताते हुए कार्यपालन यंत्री सुभाष सक्सेना ने इस्तीफे की पेशकश कर दी। उन्होंने सीईओ केके सिंह गौर से कहा कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता और काम का बोझ ज्यादा है। यह खबर जीडीए गलियारे में तेजी से फैल गई। हालांकि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन उनकी इस पेशकश से तरह-तरह की चर्चाएं चल पड़ी हैं। इस संबंध में उनसे चर्चा की कोशिश की लेकिन फोन रिसीव नहीं किया
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