HS-NEWS- मध्य प्रदेश सिंगरौली राजकुमार सिंह- (आरपी सोनी) :- प्राप्त जानकारी अनुसार जिलेे के कस्तूरबा गांधी छात्रावास एवं बालिका छात्रावासों मे शासन आदेश एवं नियम विपरीत 12 वर्षो से वार्डन अंगद की तरह छात्रावास में पांव जमा गरीब छात्राओं को घटिया व्यवस्था फर्जीवाड़ा कर विभागीय खंड जिला अधिकारियों के बीच करोड़ों का बंदर बांट किया जा रहा है आपको बता दें राज्य शिक्षा केंद्र नियम अनुकूल तीन वर्ष से अधिक किसी भी एक वार्डन को किसी भी परिस्थिति में छात्रावास का वित्तीय प्रभार ना देते हुये

परिवर्तन करने का नियम अनुकूल आयुक्त भोपाल का दर्जनों आदेश जारी हो चुके हैं पर जिले भर के कस्तूरबा गांधी एवं वालिका छात्रावासों में भ्रष्टाचार से अर्जित धन जरिये राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल द्वारा जारी वार्डन परिवर्तन आदेशों को प्रभाव हीन कर देती थीं अगर सूत्रों की बात माने तो सिंगरौली जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास बलियरी में 12 वर्षों से पदस्थ वार्डनों का नेता कहीं जा रहीं प्रभा किशोरी केरकेट्टा वार्डन के साथ अन्य जिलों के वार्डनों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर एवं इंदौर तथा ग्वालियर खंड पीठ को अन्य बिंदुओं के साथ यह वाद प्रस्तुत किया गया कि छात्रावास संचालन में मेरे द्वारा काफी मेहनत किया गया फिर भी हम लोगों को गलत तरीके से हटाया जा रहा है जिस याचना में तत्कालीन न्याय मूर्ति द्वारा आयुक्त आदेश का स्थगन दे दिया गया उस प्रकरण की पड़ताल उपरांत सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय 25 सितंबर 019 को निर्णय पारित कर नियम अनुसार वार्डनों का अतिरिक्त प्रभाव परिवर्तन कर छात्रावास से बाहर का रास्ता दिखाने आयुक्त भोपाल आदेश पालन समय सीमा में पूर्ण करने कलेक्टर समस्त जिले मध्य प्रदेश को दे दिया गया जिसका परिपालन करते हुए जिला शिक्षा केंद्र विदिशा (म.प्र.) द्वारा वार्डन भर्ती विज्ञापन प्रकाशित करा दिया गया किंतु अभी तक सिंगरौली जिले में आयुक्त राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल का आदेश ठंडे बस्ते में पड़ा है
कामरेड उर्मिला राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिल भारतीय क्रांतिकारी महिला संगठन द्वारा बताया गया सिंगरौली जिले के छात्रावासों में बारह वर्षों से नियम विरुद्ध वार्डन पदस्थ हो जिले भर के गरीब छात्राओं के करोड़ों रूपये के राशन में डाका डाल आय से ज्यादा संपत्ति एकत्र कर चुकी जिसके दम पर राज्य शिक्षा केंद्र आदेशों को प्रभाव हीन कर रहीं थीं सुश्री उर्मिला ने बताई कि माननीय उच्य न्यायालय निर्णय बाद अब अगर जिला प्रशासन द्वारा राज्य. नियमन अनुकूल वार्डन परिवर्तन करते हुए गरीब छात्राओं का हक अधिकार नहीं दिलाया गया तो संगठन जिले के शोषित छात्राओं के अधिकार हेतू उग्र आंदोलन करेगी जिसका जिम्मेदार जिला प्रशासन स्वयं होगा।
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal