ग्वालियर –
डबराबिलौआ क्षेत्र में चेकिंग के दौरान गिट्टी से भरे ट्रक को बिना रायल्टी छोड़ने वाले डबरा के तत्कालीनचर्चित फरार तहसीलदार को दिल्ली से किया गिरफ्तार, भेजा जेल तहसीलदार को न्यायालय द्वारा शनिवार को जेल भेज दिया गया। तहसीलदार अग्रिम जमानत निरस्त होने के बाद छह माह से फरार चल रहा था। पुलिस ने तहसीलदार को दिल्ली से गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया।
दरअसल बिलौआ में चेकिंग के दौरान तत्कालीन तहसीलदार उमेश कौरव ने गिट्टी से भरे एक ट्रक को बिना रायल्टी वसूले जाने दिया। इसकी शिकायत पुलिस थाने में की गई। गिरफ्तारी से बचने के लिए तहसीलदार ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। हाईकोर्ट से उन्हें इस शर्त पर जमानत दी कि वह सप्ताह में एक दिन पुलिस थाने में उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
आरटीअाई एक्टिविस्ट लखन चौरसिया ने आरटीअाई दायर कर पुलिस थाने से जानकारी ली कि तहसीलदार पुलिस थाने में उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं अथवा नहीं। वहां से बताया गया कि तहसीलदार जमानत की शर्त का पालन नहीं कर रहे हैं। इसे आधार बनाकर लखन चौरसिया ने अग्रिम जमानत निरस्त कराने के लिए याचिका दायर की जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। छह माह बीतने के बाद भी जब पुलिस ने तहसीलदार को गिरफ्तार नहीं किया तो लखन चौरसिया ने फिर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जिस पर सुनवाई करते हुए तीन दिन पहले ही हाईकोर्ट ने आईजी और एसपी से स्पष्टीकरण मांगा था। जिसके चलते शुक्रवार को सिटी पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर दिल्ली में दबिश देकर तहसीलदार उमेश कौरव को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद शनिवार को तहसीलदार को न्यायाधीश राजीव राव गौतम के न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हेंे जेल भेज दिया गया
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