ग्वालियर- कार से 2 करोड़ 4 लाख रुपए के साथ पकड़े गए बृजनंदन सोनी व राजेश ऐरचिया को लेकर क्राइम ब्रांच की टीम रात को ही झांसी पहुंच गई थी। आरोपित ने कबूल किया था कि बरामद रुपए झांसी के सराफा कारोबारी कल्लू यादव ने दिल्ली पहुंचाने के लिए दिए थे। दिल्ली में 2 करोड़ की डिलेवरी प्रवीण अग्रवाल तक पहुंचानी थी। कल्लू यादव का झांसी में बड़ा ज्वैलर्स का कारोबार है। 2 करोड़ रुपए पकड़े जाने की सूचना मिलते ही कल्लू यादव परिवार सहित भूमिगत हो गया है। प्रतिष्ठानों पर ताले लगे हैं और नौकर भी गायब हैं। 24 घंटे की जांच से यह साफ हो गया कि बरामद 2 करोड़ रुपए हवाला के हैं। अब क्राइम ब्रांच की टीम सागर व दिल्ली जा रही है। दूसरी तरफ आयकर विभाग के अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं।
कल्लू यादव की जन्मकुंडली निकाली-
दोनों आरोपित ने पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद सबसे पहला नाम कल्लू यादव का लिया था। कल्लू यादव की कुंडली निकालने क्राइम ब्रांच की टीम ने बृजनंदन सोनी व राजेश ऐरचिया को 2 दिन की रिमांड पर लेने के बाद झांसी पहुंची। कल्लू यादव का झांसी के ओम शांति नगर में बंगला है। क्राइम ब्रांच की टीम को बंगले पर ताला लगा मिला। पुलिस को पता चला कि संदेही कल्लू यादव के माणिक की गोठ में ज्वैलर्स के 3 प्रतिष्ठान हैं। सुबह पुलिस इन प्रतिष्ठानों पर पहुंची, यहां ताले लगे मिले। प्रतिष्ठानों पर काम करने वाले नौकरों की जानकारी हासिल करने के बाद पुलिस खाली हाथ लौट आई है। कल्लू यादव के संबंध में क्राइम ब्रांच की टीम झांसी पुलिस को अलर्ट कर आई है।
दिल्ली व सागर से तार जुड़े-
हवाला कारोबार के तार दिल्ली व सागर से जुड़े हैं। आरोपित ने कबूल किया कि कल्लू यादव ने 2 करोड़ रुपए दिल्ली के प्रवीण अग्रवाल को पहुंचाने दिए थे। जिस कार से यह रकम बरामद हुई है, वह सागर जिले के रूपेश गौर के नाम है। इन दोनों की तलाश में क्राइम ब्रांच की टीमें दिल्ली व सागर जा रही हैं।
झांसी व ग्वालियर में ही रहता है रूपेश गौर
सूत्रों के अनुसार हवाला का पैसा ले जा रही यह कार सागर आरटीओ कार्यालय में 19 नवंबर 2017 को रजिस्टर्ड हुई थी। कार का मालिक संत रविदास नगर निवासी रूपेश गौर पिता शिव दयाल गौर है। यह कार पहले डबरा के ढीमरपुरा निवासी हरीशचंद्र अग्रवाल के नाम पर रजिस्टर्ड थी। कार 14 अक्टूबर 2014 को हरीशचंद्र अग्रवाल ने खरीदी थी, उसके बाद नवंबर 2017 में सागर के रूपेश गौर को बेच दी थी। रूपेश की इस हवाला कांड में क्या भूमिका है, उसने कार किराए पर दी थी या कौन उसका उपयोग कर रहा था, इस संबंध में फिलहाल जांच चल रही है। मामले में पड़ताल करने पर जानकारी मिली कि रूपेश गौर का पुश्तैनी मकान संत रविदास नगर में भूतेश्वर मंदिर के पास है। हालांकि वह सागर में नहीं रहता है। काम के सिलसिले में ग्वालियर-झांसी में ही अधिकांश रहता रहा है।
अभी तक कोई सूचना या जानकारी नहीं
ग्वालियर में हवाला का पैसा ले जाते कार पकड़ी गई है। कार सागर में रजिस्टर्ड है या नहीं, मालिक सागर का है या नहीं, इस मामले में हमारे पास कोई सूचना नहीं भेजी गई है। न ही वहां की पुलिस या क्राइम ब्रांच ने संपर्क किया है।
– अमित सांघी, पुलिस अधीक्षक, सागर
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