
- डम्प पड़ी धनराशि पर डीपीआरओ को फटकार, सुधार लाने की दी चेतावनी
- नाॅन एमआईएस शौचालयों का भुगतान करने पर सचिव को बर्खाश्त करने का निर्देश
बलियाः मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने शुक्रवार को विकास कार्यक्रमों व कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। इस दौरान शौचालय निर्माण की स्थिति पर नाराजगी जाहिर की। खातों में डम्प पड़ी धनराशि पर डीपीआरओ को फटकार लगाई और कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी। वहीं, इबा्रहिमाबाद में 1500 नाॅन एमआईएस शौचालयों का भुगतान कर देने पर सचिव को बर्खाश्त करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान मण्डलायुक्त ने विभागवार प्रगति की समीक्षा की। जिन विभाग की प्रगति खराब मिली, सम्बन्धित अधिकारियों को कड़े शब्दों में सुधार लाने की चेतावनी दी। आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा में जिन विभाग की शिकायत डिफाल्टर की श्रेणी में थी उनको भी खरीखोटी सुनाईं। चिकित्सा प्रतिपूर्ति का एक मामला लम्बित रखने की शिकायत पर सीएमओ को निर्देश दिया कि स्टेनो के पास से इस पटल को हटाकर किसी और को दें। कन्या सुमंगला योजना के ब्लाॅक स्तर पर 6412 आवेदन लम्बित होने पर सभी बीडीओ को चेताया कि व्यक्तिगत रूचि लेकर इसे शीघ्र अग्रसारित करें।
राजस्व विभाग की समीक्षा में मण्डलायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिया कि तहसील के मिसिलबंद रजिस्टर को अपडेट रखें। मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के निर्माण की स्थिति बेहद खराब होने पर नाराजगी जाहिर की और सीडीओ को इसकी माॅनिटरिंग कर सुधरवाने का निर्देश दिया। एक जनपद एक उत्पाद कार्यक्रम के तहत खराब उपलब्धि पर उपायुक्त (उद्योग) को निर्देश दिया कि महीने दिन में 50 फीसदी उपलब्धि हासिल कर अवगत करावें। बैठक में जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही, सीडीओ बद्रीनाथ सिंह, एडीएम रामआसरे, संयुक्त मजिस्ट्रेट विपित जैन व अन्नपूर्णा गर्ग, आजमगढ मण्डल के संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा व उप निदेशक पंचायती राज रामजियावन, एसडीएम सदर अश्विनी श्रीवास्तव व अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
निर्धारित समयसीमा में पूरा हो कोई भी प्रोजेक्ट
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने साफ किया कि प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जो समयसीमा निर्धारित है, वह बढ़ेगी नहीं। इसलिए कार्यदायी इस बात का ख्याल रखें कि समय से काम पूरा हो जाए। अगर लेटलतीफी होती है और उसका असर इस्टीमेट पर पड़ता है तो उसके जिम्मेदार सम्बन्धित कार्यदायी संस्था ही होगी। समयसीमा में काम पूरा नहीं होने पर कार्रवाई भी होगी।
सड़कों की जांच के लिए भेजी टीम
- मण्डलायुक्त ने हाल ही बनी चार सड़कों की जांच के लिए दो मण्डलीय व जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम बनाकर भेजा। इसमें आजमगढ मण्डल के संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा व उप निदेशक पंचायती राज रामजियावन भी शामिल थे। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़कों को देख कर शुक्रवार की शाम तक ही यथास्थिति से अवगत करावें।
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