ग्वालियर
फूड सेफ्टी की टीम ने गत दिवस किराना और तेल फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की। यहां ट्रिपल आईटीएम कॉलेज के सामने गिर्राज बंसल की ओमश्री शुभ लाभ प्रायवेट लिमिटेड किराना उत्पाद तैयार करने वाली फैक्ट्री और बगल में स्थित श्री परमसुख ऑयल यूनिट पर डिप्टी कलेक्टर दीपशिखा भगत के नेतृत्व में छापेमारी की गई। फैक्ट्री के एक हिस्से में एक बड़े ब्रांड का दो साल पुराना किराना और कॉस्मेटिक स्टॉक बरामद किया गया है। इस सामान को दोबारा पैक करने की आशंका पता चली, क्योंकि मौके पर मैनेजर और स्टाफ कोई जवाब नहीं दे सका। किराना उत्पाद फैक्ट्री में ओम श्री शुभ लाभ एग्रीटेक के नाम से जो पैक किया जा रहा था उस पर मालनपुर और बानमोर की यूनिट का पता लिखा था, जबकि कारोबार यहां चलता मिला। फैक्ट्री से उत्पादों की सैंपलिंग कर सील कर दिया गया। बगल में बनी तेल यूनिट को भी चेक किया जहां से सैंपल लिए गए।
ब्रांड नेम स्मार्ट वाइफः देशभर से माल लेकर यहां पैकिंग
फूड सेफ्टी विभाग की अभिहीत अधिकारी व डिप्टी कलेक्टर दीपशिखा भगत ने मौके पर पाया कि ओमश्री फर्म की एक यूनिट मालनपुर और एक बानमोर मे हैं। फर्म मैनेजर विजय खत्री ने बताया कि एक माह पहले ही ट्रिपल आईटीएम के सामने कारोबार शुरू किया है। पैकिंग इसलिए बानमोर और मालनपुर यूनिट के नाम पर की जा रही है, क्योंकि ग्वालियर यूनिट का पैकेजिंग मटेरियल अभी प्रिंट होकर नहीं आया है। यह बात अधिकारियों को नहीं पची, क्योंकि यहां जानबूझकर ऐसा किया जा रहा था। इसके अलावा गुजरात, उत्तराखंड सहित अलग-अलग जगहों से आटा-बेसन आदि मंगवाकर अपनी फर्म के नाम से पैक किया जा रहा था। लेकिन जिन फर्मों से मंगवाया जा रहा था उनकी एनओसी नहीं थी। दोनों ही फर्मों के स्मार्ट वाइफ ब्रांड के नाम से सभी उत्पाद बेचे जाते हैं।
पंतजलि ब्रांडः सड़ी मिर्च व एक्सपायर्ड आयटम
मौके पर कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि पहले पतंजलि ब्रांड के लिए पैकेजिंग का काम करते थे और यह तभी का स्टॉक रखा हुआ है। अधिकारियों ने सड़े माल और एक्सपायर्ड स्टॉक को रखने का कारण पूछा तो साफ तौर पर कोई भी नहीं बता सका। यहां मसाले, कॉस्मेटिक आयटम सभी बुरी हालत में पड़ा हुआ था। इनकी री-पैकेजिंग का भी शक है। आटे और बेसन का भी बड़ा स्टॉक यहां रखा मिला। यहां पांच कटटे दलिया,नौ कटटे मसाले,17 कटटे कॉस्मेटिक आयटम,5 लीटर वाली 70 फिनायल बोतल,51 कार्टन एक लीटर वाली फिनायल,20 बोरी फफंूद लगी खड़ी लाल मिर्च मिली।
इसलिए सील की फैक्ट्रीः अवैध पाया संचालन
किराना उत्पाद फैक्ट्री इसलिए सील की गई क्योंकि यहां पैकैजिंग कहीं और की दिखाकर की जा रही थी। एक बड़े ब्रांड का डेड स्टॉक बरामद किया गया है, उसको लेकर और संदेह प्रशासन का बढ़ गया। इसी वजह से तेल यूनिट से दो तेल के सैंपल और किराना यूनिट से पांच सैंपल लेकर उसे सील कर दिया गया। फूड सेफ्टी ऑफिसर रवि शिवहरे, लोकेंद्र सिंह, लखनलाल कोरी कार्रवाई की टीम में शामिल रहे।
अवैध ढंग से पाया संचालन
ओमश्री शुभ लाख एग्रीटेक प्रा.लि. बानमोर और मालनपुर में स्थित यूनिटों के नाम पर यहां पैकेजिंग का कार्य कर रहे थे, जो अवैध है। सैंपलिंग कर यूनिट सील की गई। वहीं पतंजलि ब्रांड का एक्सपायर्ड व सड़ा स्टॉक मिला।
दीपशिखा भगत, अभिहीत अधिकारी, फूड सेफ्टी
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