ग्वालियर-
डबरास्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते जहां अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही है। वहीं डॉक्टरों की मनमानी के कारण अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। जबकि डॉक्टरों को समय पर ओपीडी में बैठने और अव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए प्रशासनिक अधिकारी कई बार अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित कर चुके हैं। इसके बाद भी व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हो सका है। शनिवार को अस्पताल के औचक निरीक्षण पर जब एसडीएम राघवेन्द्र पांडे अस्पताल परिसर में पहुंचे तो उन्हें न तो सफाई मिली और और ओपीडी में डॉक्टर बैठे मिले। डॉक्टरों के ओपीडी में नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और अटेंडेंस रजिस्टर मंगाकर डॉक्टरों के नाम के आगे प्रश्नचिन्ह लगा दिया और ड्यूटी पर मौजूद नहीं रहने का कारण बताने के लिए प्रबंधन को निर्देशित किया। वहीं गंदगी देखकर भड़के एसडीएम ने तत्काल गंदगी को साफ कराने के लिए निर्देशित किया और स्वयं खड़े होकर सफाई परिसर में सफाई कराई। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका सीएमओ प्रदीप भदौरिया, तहसीलदार नवनीत शर्मा, स्वच्छता अधिकारी अनुपम पाठक, अस्पताल के प्रभारी प्रबंधक पाठक सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि सुबह एसडीएम के मार्गदर्शन में नगर पालिका कार्यालय से लेकर सिविल अस्पताल तक सफाई अभियान चलाया गया और सड़क पर सफाई कराकर कचरा उठवाया गया। सफाई अभियान के दौरान एसडीएम सुबह लगभग 10.30 बजे अचानक अस्पताल के अंदर पहुंच गए। जहां उन्हें परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर दिखाई दिए। इसके साथ वार्डों के पास भी जगह-जगह कचरे के ढ़ेर देखने को मिले। जिस परएसडीएम ने नाराजगी व्यक्त की और स्वच्छता अधिकारी को तत्काल सफाई कराने के लिए निर्देशित किया। एसडीएम ने स्वयं मौके पर खड़े होकर परिसर में सफाई कराई। इसके पश्चात एसडीएम ओपीडी देखने के लिए पहुंचे जहां ओपीडी में औषध चिकित्सक डॉ. स्वाति जैन ही मौके पर मिली। बाकी सभी कक्ष खाली पड़े हुए थे।
20 मिनट देरी से पहुंचा अटेंडेंट रजिस्टर
निरीक्षण के दौरान जब कक्ष में कोई डॉक्टर नहीं मिला तो एसडीएम ने अस्पताल प्रबंधक से इसका कारण पूछा। अस्पताल के प्रभारी प्रबंधक ने बताया कि कुछ डॉक्टर सीएल पर है तो ट्रेनिंग पर गए हैं। डॉक्टरों के एक साथ छुट्टी पर होने के कारण उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और अटेंडेंस रजिस्टर मंगाया। अस्पताल का कर्मचारी लगभग 20 मिनट बाद रजिस्टर लेकर पहुंच। रजिस्टर में 21 दिसंबर के कॉलम में एक लाइन खिंची मिली। रजिस्टर को देखकर एसडीएम डॉक्टर के नाम के आगे प्रश्नचिन्ह लगा दिया और छुट्टी पर होने का कारण बताने के लिए टैग कर दिया और अस्पताल प्रबंधन को डॉक्टरों के छुट्टी पर होने का कारण बताने के लिए निर्देशित किया।
मेटरनिटी वार्ड में प्रसूताओं ने बताई समस्या
निरीक्षण के दौरान जब एसडीएम मेटरनिटी वार्ड में पहुंचे तो वहां भर्ती प्रसूताओं ने शिकायत की गई कि रात को वार्ड में काफी सर्दी लगती है और मच्छर भी परेशान करते हैं। प्रसूताओं की शिकायत सुनने के बाद एसडीएम ने प्रबंधन को निर्देशित किया कि वह मेटरनिटी वार्ड की खिड़कियों में तत्काल प्रभाव से जालियां लगवाई जाएं और वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाएं। जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़े।
एंबुलेंस में नहीं मिले ऑक्सीजन सिलेंडर
अस्पताल के निरीक्षण के बाद जब एसडीएम अस्पताल परिसर से बाहर निकले तो सड़क पर प्राइवेंट एंबुलेंस दिखाई दी। एसडीएम के जब एंबुलेंस का निरीक्षण किया तो किसी एंबुलेंस के दस्तावेज पूरे नहीं तो किसी एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिले। एंबुलेंस में मिली कमियों को देखकर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया वह अस्पताल से चलने वाले सभी एंबुलेंस की डिटेल प्रस्तुत करें।
इनका कहना है-
अस्पताल के निरीक्षण के दौरान काफी अव्यवस्थाएं और गंदगी देखने मिली। जिस पर अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित कर दिया गया है कि वह व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार करें। जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
राघवेन्द्र पांडे, एसडीएम डबरा
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