ग्वालियर- फायनेंस कंपनी चलाने वाले कारोबारी से अड़ीबाजी करने वाली इंदौर के पांच ठगों की गैंग पकड़ी गई है। इस गैंग का मास्टरमाइंड इंदौर में सेनेटरी पैड बेचने वाला सेल्समैन है, जिसने ईएनएन के नाम से यूट्यूब चैनल शुरू किया। इसके बाद अपने चार साथियों के साथ मिलकर अवैध वसूली करना शुरू कर दी। यह लोग पहले इंटरनेट पर टारगेट ढूंढते थे, फिर खुद को मीडियाकर्मी बताकर अड़ीबाजी करते थे। ग्वालियर में फायनेंस कंपनी संचालक को गैंग यह कहकर धमका रही थी कि वह बिना लाइसेंस के फायनेंस कंपनी चला रहा है। इसके एवज में वह 30 लाख रुपए की मांग कर रहे थे।
व्यापारी को ठगने की कोशिश करने वाले फर्जी मीडियाकर्मी पुलिस गिरफ्त में।
कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने इस गैंग को 50 हजार रुपए लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। गैंग का एक सदस्य मूलत: डबरा का रहने वाला है, लेकिन कुछ सालों से इंदौर में अकाउंटेंट है।
फायनेंस कंपनी के संचालक से 30 लाख रुपए मांगने वाले इंदौर के फर्जी पत्रकारों की गैंग पकड़ी
मुरार तिकोनिया के रहने वाले सूरज कौशल इमेज आईसीजी प्रायवेट लिमिटेड के नाम से फायनेंस कंपनी चलाते हैं। मंगलवार को इनके यहां पांच लोग पहुंचे। इन्होंने आते ही एक हैंडीकैम से वीडियो बनाना शुरू कर दिया, फिर धमकाने लगे कि बिना लाइसेंस के फायनेंस कंपनी चलाना अवैध है। वह खुद को ईएनएम यूट्यूब चैनल, तहलका इंडिया चैनल और अखबार जगत का कर्मचारी बता रहे थे। इनके पास अलग-अलग संस्थानों के पहचान पत्र थे। यह धमकाने लगे कि अगर 30 लाख रुपए नहीं दिए तो उन्हें एक्सपोज कर देंगे। इन पांचों ने शाम तक रुपए देने को कहा। इसके बाद सूरज ने पुलिस से शिकायत की।
50 हजार रुपए में सौदा हुआ रकम लेते ही दबोच लिए
सीएसपी रवि भदौरिया और उनकी टीम को जब जानकारी मिली तो इन्होंने सूरज से ही कथित मीडियाकर्मियों को काॅल कराया। सौदा 50 हजार में तय हुआ। इस गैंग ने रुपए देने के लिए डीडी नगर में बुलाया। सूरज के साथ पुलिस फोर्स भी पहुंचा। फर्जी गैंग के पास सिर्फ सूरज को भेजा। जैसे ही उसने रुपए दिए तो पुलिस पहुंच गई। पांचों को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ करने पर इन्होंने अपने नाम विजय पुत्र मंगल सरोलिया निवासी उमेक्स सिटी विजय नगर, सुभाष पुत्र विजय शुक्ला निवासी राजीव आवास विहार, दीपक पुत्र हरीप्रसाद तिवारी मूल निवासी बुजुर्ग रोड डबरा, हाल निवासी इंदौर, हुकुम पुत्र जगन्नाथ सिंह चौहान निवासी देहपाल इंदौर अौर भगवान पुत्र भगवान दास बसंत निवासी महालक्ष्मी नगर बताए। इनमें से भगवान मास्टरमाइंड है, वह सेनेटरी पैड बेचने वाला सेल्समैन था। उसी ने यूट्यूब चैनल शुरू किया था, फिर अपने साथियों को मिलाकर गैंग तैयार की। इनसे पूछताछ चल रही है।
फर्जी पहचान पत्र, माइक जब्त: इस गैंग के पास से ईएनएन यूट्यूब चैनल का पहचान पत्र, माइक, हैंडीकेम, मानव अधिकार मीडिया का पहचान पत्र मिले हैं। पांचों एक होटल में पिछले चार दिन से रुके थे।
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