इंदौर- मप्र स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट के जन्मदिन पर रेसीडेंसी क्षेत्र को बैनर-फ्लैक्स से पाटने वाले मंत्री समर्थकों ने मंगलवार को नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों से जमकर विवाद और गाली-गलौज की। समर्थकों ने अमले पर देर तक पत्थर फेंके तो कुछ ने कर्मचारियों की कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की भी की।
कुछ समर्थक निगम उपायुक्त महेंद्रसिंह चौहान से भी विवाद करने लगे। बाद में निगम कर्मचारियों ने भी मैदान पकड़ा और बैनर-फ्लैक्स जब्त किए
दोपहर करीब ढाई बजे निगमायुक्त आशीष सिंह के निर्देश पर निगम का रिमूवल अमला उपायुक्त के साथ अवैध रूप से लगाए गए बैनर-फ्लैक्स हटाने पहुंचा था। समर्थकों ने जीपीओ चौराहे से रेडियो कॉलोनी पानी की टंकी तक रोड के दोनों तरफ खंभे जन्मदिन की बधाई वाले बैनर-फ्लैक्स से पाट दिया था। यहां तक कि जजों, संभागायुक्त, कलेक्टर और पुलिस अफसरों के घरों के आसपास लगे खंभों पर भी प्रचार सामग्री टांग दी गई थी।
निगम की टीम अलग-अलग हिस्सों में बंटकर बैनर-फ्लैक्स जब्त करने लगी। इसी दौरान मंत्री सिलावट के बंगले से निकले कुछ समर्थकों ने निगम कर्मचारियों से पहले विवाद किया और फिर उन पर पत्थर बरसाने लगे। 10-15 मिनट तक कई पत्थर संभागायुक्त और कलेक्टर के बंगले के बाहर खड़ी गाड़ियों के आसपास गिरे।
पथराव की सूचना सेट पर दी गई तो उपायुक्त कुछ लोगों के साथ मंत्री के बंगले पर पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों ने पत्थर आने की बात कहकर उन्हें रोक दिया। बाद में कुछ समर्थकों ने उपायुक्त से भी विवाद कर अपशब्द कहे।
रात में अकेला घूमता है ना…जिंदा रह पाएगा क्या`
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ समर्थक उपायुक्त से कह रहे थे कि हमारी सरकार है। चाहे जो करेंगे। एक अन्य ने कहा- ‘तू रात में अकेला घूमता है ना? जिंदा रह पाएगा क्या? उपायुक्त उन्हें समझाते रहे कि ऊपर से आदेश पर कार्रवाई की जा रही है लेकिन समर्थक कार्रवाई नहीं करने का दबाव बना रहे थे। विवाद करने वालों में एक मंत्री का रिश्तेदार भी था। उपायुक्त ने घटनाक्रम की सूचना निगमायुक्त को दी तो उन्होंने पुलिस प्रशासन से समन्वय कर चार-पांच पुलिस जवानों को भिजवाया।
तब तक अमला रेसीडेंसी क्षेत्र से करीब 50 बैनर-फ्लैक्स हटा चुका था। फिर सूचना मिली कि छावनी क्षेत्र में भी मंत्री समर्थकों ने बैनर-पोस्टर टांग दिए हैं। इस पर अमला संयोगितागंज थाने पहुंचा। फिर टीआई के नेतृत्व में कई जवानों की निगरानी में छावनी क्षेत्र से करीब 50 बैनर जब्त किए गए। शाम चार बजे कार्रवाई खत्म हुई।
सभी के लिए समान नियम
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के निर्देश के परिपालन में निगमायुक्त ने मुझे रेसीडेंसी क्षेत्र में कार्रवाई के लिए भेजा था। वहां शासकीय संपत्ति पर होर्डिंग, बैनर-पोस्टर लगे हुए थे। कार्रवाई के दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने मुझसे और कर्मचारियों से विवाद किया और कुछ के साथ झूमाझटकी की। इसके बावजूद सारे बैनर-फ्लैक्स हटा दिए गए। नियम हर नागरिक के लिए समान है।
– महेंद्रसिंह चौहान, निगम उपायुक्त
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal